पटमदा में संथाली भाषा के एक भी शिक्षक की बहाली नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : परगना

पटमदा में संथाली भाषा के एक भी शिक्षक की बहाली नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण : परगना

Patamda: माझी परगना महाल पटमदा और आसेका पटमदा की संयुक्त बैठक शुक्रवार को पटमदा के डाकबंगला परिसर में बारहा दिशोम माझी परगना जितेन मुर्मू की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस दौरान परगना जितेन मुर्मू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जनजातीय शिक्षकों की बहाली हेतु जो फॉर्मेट जारी किया गया है उसमें काफी त्रुटियां हैं। यही वजह है कि हजारों की संख्या में जनजातीय समुदाय अंतर्गत संथाली भाषा बोलने वाले लोगों के लिए एक भी शिक्षक की बहाली नहीं होने जा रही है यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। इससे समाज के लोगों में भारी नाराजगी है।

मौके पर निर्णय लिया गया कि आगामी 23 जून को मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन से मिलकर एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। जिसमें आवश्यक कार्रवाई की मांग की जाएगी। बारहा दिशोम परगना जीतेन मुर्मू की अध्यक्षता में प्रस्ताव पारित किया गया कि सर्वेक्षण फर्म को रद्द करते हुए पुनः सर्वेक्षण कर जिस विद्यालय में 10 या उससे अधिक छात्र छात्राएं है जल्द शिक्षकों (संथाली भाषा) की नियुक्ति की जाय अन्यथा समाज उग्र आन्दोलन करने को बाध्य होगी।

बैठक में मुख्य रूप से हरिहर टुडू, हेमंत शेखर मुर्मू, प्रदीप बेसरा, शंभू नाथ सोरेन, सत्यरंजन सोरेन, दिवाकर टुडू, अम्बुज माझी, सागर मांडी, सुखदेव हेंब्रम, टीकाराम मुर्मू, दिवाकर हांसदा समेत दर्जनों लोग मौजूद थे।

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