एमडीए कार्यक्रम के तहत पटमदा के 311 बूथों पर 10 फरवरी को खिलाई जाएंगी फाइलेरिया रोधी दवा
Patamda: पूर्वी सिंहभूम जिले के अंतर्गत पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड में सर्वाधिक फाइलेरिया मरीजों (हाथी पांव) की संख्या है। यही वजह है कि फाइलेरिया मुक्त अभियान के तहत इस बार पटमदा सीएचसी के अधीन आने वाले 157 गांवों के 311 बूथों पर फाइलेरिया रोधी दवाएं खिलाने के लिए जिले के सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल के निर्देशानुसार पटमदा सीएचसी के समस्त एमपीडब्ल्यू एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी दिन रात की कड़ी मेहनत करते हुए तैयारी कर रहे हैं।
प्रभारी एसआई जन्मेंजय महतो ने शनिवार की देर शाम तक प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. क्रिस्टोफर बेसरा की उपस्थिति में सभी बूथों के लिए दवाओं का पैकेट तैयार किया। बूथों पर करीब 600 कर्मी सोमवार को विभिन्न बूथों पर तैनात रहेंगे और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में 2 साल से अधिक आयु वर्ग के लोगों को दवाई खिलाएंगे। इसमें सभी सहिया, सहिया साथी, एएनएम, सीएचओ, आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका आदि शामिल होंगे। बूथों पर कृमि की दवाई एलबेंडाजोल (आधा गोली) भी दी जाएगी। महतो ने बताया कि बूथों पर दवाई खाने से वंचित रहने वाले लोगों के लिए 11 से 25 फरवरी तक घर – घर भ्रमण करते हुए एमडीए कार्यक्रम के तहत अभियान चलाया जाएगा ताकि कोई भी व्यक्ति वंचित न रहें। इसमें 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिलाओं के अलावा गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों को दवाई का सेवन नहीं करना है।
शनिवार को सीएचसी में मुख्य रूप से प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. क्रिस्टोफर बेसरा, प्रधान सहायक आनंद सिंह, बीएएम सुगदा मुर्मू, उत्तम कुमार मल्लिक, रविंद्र कुमार दास, विप्लब दत्त, लव महतो, अनिल कुमार महतो व सनातन सिंह आदि मौजूद थे। बताते हैं कि पटमदा सीएचसी द्वारा पिछले दिनों किए गए नाइट सैंपल सर्वे के दौरान 19 नए मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं और उन्हें 12 दिनों की दवाईयां दी गई हैं।