सरहुल पर्व से पूर्व महिलाओं के बीच पारंपरिक साड़ी का वितरण
अपनी भाषा, संस्कृति और परंपरा को बचाना हम सबकी जिम्मेदारी: महाबीर मुर्मू
Jamshedpur: जमशेदपुर प्रखंड के घाघीडीह गांव में रविवार को सरहुल पर्व के मद्देनज़र एक सामाजिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर दिशोम गुरु जी के सपने फाउंडेशन की ओर से गांव की महिलाओं और बहनों के बीच पारंपरिक साड़ियों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में फाउंडेशन के मुख्य संरक्षक महाबीर मुर्मू ने स्वयं महिलाओं को साड़ी प्रदान कर उन्हें सरहुल पर्व की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाबीर मुर्मू ने कहा कि अपनी पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, भाषा और सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी भाषा और संस्कृति को भूलने लगेंगे तो धीरे-धीरे हमारी पहचान भी समाप्त हो जाएगी। इसलिए नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से जोड़ना बेहद जरूरी है। इस अवसर पर गांव के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व मुखिया लक्ष्मी सोय, नरेश सोय, संजीत हेंब्रम, सोनिया भूमिज, मनोज तांती, प्रतीक सिंह, दिनकर, बनारस दास और पिंटू तिर्की समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे। कार्यक्रम का उद्देश्य सरहुल जैसे पारंपरिक पर्व की महत्ता को बढ़ावा देना और समाज में अपनी संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना बताया गया।





