राज्य की जनता ने शिक्षा मंत्री तो घोड़ाबांधा के लोगों ने खोया अभिभावक

Jamshedpur: राज्य के स्कूली शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन से राज्य की जनता ने जहां एक कर्मठ जनप्रतिनिधि को खो दिया वहीं घोड़ाबांधा के लोगों ने अभिभावक। उनके साथ नियमित मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले घोड़ाबांधा निवासी शिक्षक निपेन चंद्र महतो ने दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि रामदास बाबू का व्यवहार में विधायक से मंत्री बनने के बाद भी कोई परिवर्तन नहीं आया था। आमतौर पर जहां कोई व्यक्ति के विधायक बनने के बाद उनसे मिलना कठिन हो जाता है वहीं मंत्री बनने के बाद भी रामदास सोरेन से मिलना ग्रामीणों के लिए काफी आसान था। इसलिए गांव के लोग पूर्व की भांति ही अपने ग्राम प्रधान से आसानी से मिलते थे और अपनी समस्याएं रखते हुए समाधान कराते थे।

शिक्षक ने कहा कि ग्रामीणों को इस बात की अधिक चिंता सता रही है कि आखिर रामदास बाबू की तरह कौन उनकी समस्या का समाधान करेंगे। क्योंकि रामदास सोरेन आम लोगों के लिए जितने सरल और शांत स्वभाव के थे उतने ही कड़क अन्याय एवं गलत करने वालों के खिलाफ थे। गांव में विधि व्यवस्था की जिम्मेदारी भी वे ही संभालते थे इसलिए महिलाएं रात को भी बेखौफ होकर घूम सकती थीं। अपने ग्राम प्रधान के निधन से पूरे गांव के लोग मर्माहत हैं।





