अब मॉडल स्कूल की 4 छात्राओं को मिला 500 बार उठक -बैठक करने का दंड, 160 में ही बिगड़ी तबीयत
Patamda: पटमदा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बांगुड़दा की 9 छात्राओं से सोमवार को 200 बार कान पकड़कर उठक बैठक करवाने के बाद 5 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी थी और सभी को एमजीएम अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। वह मामला अभी ठंडा हुआ नहीं कि गुरुवार को एक और मामला मॉडल स्कूल पटमदा का प्रकाश में आया है। 7वीं कक्षा की चार छात्राओं कल्पना दास, रासी दास, पल्लवी प्रमाणिक (तीनों लावा निवासी) व नमिता बेसरा (तिलाबनी निवासी) को बिना किसी गलती के ही प्रधान शिक्षिका स्नेहलता कुमारी ने 500 बार कान पकड़कर उठक बैठक करने का शारीरिक दंड दिया। इसके पीछे 8वीं कक्षा की दो छात्राओं अर्पिता महतो एवं वर्षा महतो को गिनती के लिए लगा दिया गया।
छात्राओं ने बताया कि 160 बार उठक बैठक करते ही कल्पना दास को तकलीफ होने लगीं तो सभी छात्राएं छोड़ कर क्लास रूम में चली गईं। बुधवार को घर लौटने के बाद चारों बच्चियां तबीयत बिगड़ने या बदन दर्द के कारण सो गईं। अभिभावकों द्वारा पूछने पर बताया गया कि तबीयत खराब हो गई है लेकिन स्कूल की घटना के बारे में जानकारी नहीं दी गई। इसका खुलासा तब हुआ जब गुरुवार को सुबह यह बच्चियां सो कर उठना नहीं चाह रही थी और स्कूल जाने से इनकार कर रही थी। कड़ाई से पूछताछ करने पर बताया कि उन्हें स्कूल में शारीरिक दंड मिला था जिसके कारण आज कष्ट हो रहा है। आज नमिता बेसरा स्कूल से अनुपस्थित रही जबकि बाकी तीनों छात्राएं स्कूल पहुंची। इस मामले में जब अभिभावकों ने प्रधान शिक्षिका से पूछा तो जवाब मिला कि स्कूल में स्टाफ कम है और वह कॉपी चेक करने में व्यस्त थीं इसलिए 500 बार उठक बैठक करने के लिए कहा गया था। भविष्य में दुबारा ऐसी गलती नहीं होने का आश्वासन देते हुए अभिभावकों को घर वापस भेज दिया।
लेकिन अभिभावकों के सुबह घर लौटते ही छात्राओं को दुबारा प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और प्रधान शिक्षिका कहने लगी कि दो कौड़ी के गार्जियन आ जाते हैं कंप्लेन लेकर, जाओ आज से तुमलोगों की कॉपी मैं चेक नहीं करूंगी, अपने बाप से चेक करवाना, मैं किसी से भी नहीं डरती हूं। स्कूल छुट्टी के बाद बच्चियों की शिकायत पर अभिभावकों ने सभी को लेकर माचा स्थित सीएचसी अस्पताल पहुंचाया और इसकी शिकायत विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू से की। विधायक प्रतिनिधि ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अभिभावकों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है और सभी प्रधान शिक्षिका को हटाने की मांग कर रहे हैं ताकि स्कूल का माहौल खराब न हो।





