लोक भवन पहुंचा बोड़ाम के रैयतों का मामला, वर्षों से लंबित मुआवजा के भुगतान की मांग पर जेएलकेएम ने राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
Patamda : पूर्वी सिंहभूम जिले के पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर भू -अर्जन विभाग द्वारा सैकड़ों किसानों से किए गए भूमि अधिग्रहण के बदले करोड़ों की मुआवजा राशि का भुगतान वर्षों से लंबित रखा गया है। पिछले करीब 5 वर्षों से मुआवजे को लेकर विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगा थक चुके रैयत अब झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के सहारे गुरुवार को लोक भवन (राज भवन) पहुंच गए। एक प्रतिनिधिमंडल ने रैयतों के साथ झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से शिष्टाचार मुलाकात की एवं प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत कराया।
इस दौरान बताया गया कि पूर्वी सिंहभूम जिले के बेलटांड़ से रघुनाथपुर (सरायकेला-खरसावां) तक मुख्य सड़क, भुईयांसिनान से रसिकनगर, सुसनी तक एवं बोंटा, सातनाला, बोड़ाम होते हुए माधवपुर (पश्चिम बंगाल सीमा) तक तीनों सड़कों के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण/परियोजना के बावजूद कई परिवारों को वर्षों से उनका उचित मुआवजा प्राप्त नहीं हो सका है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक एवं सामाजिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया कि इस गंभीर विषय पर संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग एवं जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश दें ताकि जल्द से जल्द लंबित मुआवजा भुगतान सुनिश्चित हो सके। राज्यपाल ने पूरे मामले को गंभीरता से सुनने के पश्चात उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
मुलाकात के दौरान जेएलकेएम के केंद्रीय संयुक्त महासचिव देवव्रत महतो, जिला प्रवक्ता सुब्रत महतो, प्रखंड अध्यक्ष सुभाष चन्द्र महतो, अरुण गोप, मंगल महतो, सीताराम सिंह, मृत्युंजय महतो, मनोहर गोप, नन्दलाल गोप, वीर सिंह, प्रदीप महतो, गोपाल महतो,संदीप कुमार एवं प्रसेनजीत कुमार आदि उपस्थित थे।





