गीता श्लोक पाठ की अंतरराष्ट्रीय विजेता अजेता श्री कनौजे ने अपने जन्मदिन पर पेश की मानवता की मिसाल

Jamshedpur: बुधवार को टेल्को निवासी सुनील कुमार कनौजे एवं निमिषा कनौजे ने अपनी बड़ी बेटी के जन्मदिन को मानव सेवा को समर्पित करते हुए मिसाल पेश की है। उनकी बेटी अजेता श्री कनौजे विद्या भारती चिन्मया विद्यालय में नौवीं कक्षा की छात्रा हैं एवं 13 वर्ष की उम्र में ही अपने मधुर कंठ से एक अलग पहचान बना चुकी हैं। तामझाम से कोसों दूर इतनी छोटी सी उम्र में सिर्फ और सिर्फ मानव सेवा को ही सर्वोपरि रखते हुए जन्मदिन को समर्पित किया जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना क्षेत्र स्थित एमटीएमएच कैंसर अस्पताल परिसर के ठीक बगल में स्थित रेस्ट हाउस में।
कार्यक्रम का शुभारंभ झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी के आकस्मिक निधन पर 1 मिनट का मौन रख कर किया गया। इसके बाद वहां रह रहे मरीजों के परिजनों के लिए उत्तम क्वालिटी के नाश्ते का प्रबंध कर खुशियां बांटी गई। इसमें छोटी बहन अक्षिता कनौजे ने भी दीदी का पूरा साथ निभाया। ऐसे ही परिजनों के बीच केक कटिंग भी किया। उपस्थित मरीजों के परिजनों ने सुश्री अजेता श्री कनौजे द्वारा इतनी कम उम्र में किए गए कार्यों को सराहा और भूरी-भूरी प्रसंशा की। इस संबंध में टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार ने कहा कि एक कहावत है बेटी है तो जहान है- आज इसे चरितार्थ किया है अजेता श्री कनौजे ने। वह अपने मधुर कंठ से गीता श्लोक पाठ कर अंतराष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल कर चुकी हैं। जिनके शरीर में साक्षात मां सरस्वती विराजमान हो, आज उनके जन्मदिन पर टीम पीएसएफ का शामिल होना ही गर्व की बात है। टीम पीएसएफ ने अजेता श्री को मानव समर्पण सेवा सम्मान से सम्मानित भी किया। सरकार ने कहा कि आज ऐसे शुभ दिन पर हम सबों के चहेते सुश्री अजेता श्री कनौजे को हार्दिक शुभकामनाओं के साथ बहुत- बहुत बधाई देते हुए सदैव मंगलकामना, दीर्घायु होने एवं उज्ज्वल भविष्य हेतु श्री श्री मां भगवती एवं देवों के देव महादेव के समक्ष प्रार्थना करता है टीम पीएसएफ यानी प्रतीक संघर्ष फाउंडेशन परिवार।
मौके पर टीम पीएसएफ के निदेशक अरिजीत सरकार, डॉक्टर निर्जला झा, अरुनभो मोइत्रा, कुमारेश हाजरा, रवि शंकर, उत्तम कुमार गोराई, शुभेंदु मुखर्जी व अनिल प्रसाद आदि मौजूद थे।





