कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की एक और छात्रा बीमार, एमजीएम अस्पताल में भर्ती, बीईईओ ने किया शोकॉज

Patamda: सोमवार को पटमदा के बांगुड़दा स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय की एक शिक्षिका द्वारा 9 छात्राओं को दंडित करते हुए कथित तौर पर 200 बार उठक बैठक करवाने के बाद 4 छात्राओं की तबीयत बिगड़ी और उन्हें पटमदा सीएचसी में प्राथमिक चिकित्सा करवाने के बाद बेहोशी की हालत में एमजीएम अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती करवाया गया। इसकी खबर “बराभूम दर्पण” न्यूज पोर्टल में प्रकाशित होने के बाद अभिभावकों से लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े लोग सक्रिय हुए और एमजीएम अस्पताल पहुंचे। विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू की सूचना पर अस्पताल पहुंचे जुगसलाई विधायक मगंल कालिंदी ने अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरके मंधान को बेहतर इलाज का निर्देश देते हुए बीमार छात्राएं एवं उनके परिजनों से बात की। मंगलवार को सभी की स्थिति सामान्य होने पर मंगलवार को छुट्टी दे दी गई और चारों छात्राएं अपने – अपने घर लौटी। इस दौरान विद्यालय की वार्डन एवं विभागीय अधिकारी भी छात्राओं के लगातार संपर्क में रहकर जानकारी लेते रहे। बीमार छात्राएं 12वीं कक्षा की थी जिसमें पटमदा के लोवाडीह निवासी अष्टमी महतो एवं दयावती प्रमाणिक, कुमीर गांव निवासी प्रियंका महतो एवं गेरुवाला निवासी पूर्णिमा महतो शामिल थीं। वहीं दंडित 9 छात्राओं में से 12वीं कक्षा की हुरूम्बिल गांव निवासी मोहिता महतो (पिता शरत चन्द्र महतो) को भी मंगलवार को सुबह में खिंचनी एवं उल्टी की शिकायत होने पर सुबह करीब 10 बजे माचा स्थित सीएचसी अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे भी एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया। यहां सरकारी एम्बुलेंस खराब होने एवं 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों की हड़ताल की वजह से निजी वाहन से ही डिमना स्थित अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया गया। इसके अलावा दो अन्य छात्राओं को वायरल फीवर होने की शिकायत पर सीएचसी अस्पताल में इलाज के बाद छोड़ दिया गया।
दूसरी ओर डीईओ मनोज कुमार के निर्देश पर मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय बांगुड़दा पहुंचे पटमदा बीईईओ प्रभाकर कुमार ने मामले की जांच की। उन्होंने वार्डन रजनी मुर्मू व आरोपी शिक्षिका रजनी गुड़िया, रसोईए एवं अन्य कर्मियों से पूछताछ की एवं भविष्य में घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो, सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही विद्यालय परिसर में साफ सफाई की व्यवस्था करने समेत कई निर्देश दिए। बाद में बीईईओ ने वार्डन को शोकॉज नोटिस जारी करते हुए शीघ्र ही जवाब मांगा है।
इस संबंध में वॉर्डन सह प्रिंसिपल रजनी मुर्मू ने बताया कि हर बार की तरह इस सप्ताह भी रविवार को अभिभावक लोग आए थे, अपने घर से लड्डू या अन्य सामान दिए थे बच्चियों को खाने के लिए। उसके बाद सोमवार को उल्टियां होने लगी और पटमदा सीएचसी से भी बताया गया कि फूड प्वाइजनिंग का मामला हो सकता है। हालांकि कान पकड़कर उठक बैठक भी करवाया गया था लेकिन 200 बार की बात गलत है। 200 बार के लिए कभी भी नहीं बोला जाता है।





