लगातार बारिश से पटमदा एवं बोड़ाम में तबाही, कई कच्चे मकान ध्वस्त
बंगोई गांव में मदन महतो का क्षतिग्रस्त घर
बाघरा में चंद्रमोहन महतो का क्षतिग्रस्त घर
Patamda: लगातार हो रही बारिश से पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड में जहां जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है वहीं कच्चे मकानों में निवास करने वालों के लिए बड़ी परेशानी का सबब बन गया है। बोड़ाम एवं पटमदा प्रखंड के कई गांवों में लोगों को भारी नुकसान होने का अनुमान है। बोड़ाम के बाघरा गांव निवासी समाजसेवी चन्द्रमोहन महतो का कच्चा मकान रविवार को क्षतिग्रस्त हो गया है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले ही खपरे को हटा कर एस्बेस्टस लगाया था। लेकिन लगातार बारिश के कारण मिट्टी की दीवारें और बुनियाद ढीला हो जाने से आज सुबह 9 बजे अचानक एक साइड का दिवार क्षतिग्रस्त हो गया और घर के चारों ओर दरारें पड़ गई। चंद्रमोहन ने बताया कि कुछ महीने पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए जियो टैग हो चुका है। अगर पीएम आवास की सुविधा मिल जाती तो बड़ी राहत मिलती।
जाल्ला गांव में बाबूराम महतो का क्षतिग्रस्त घर
जाल्ला गांव में कंठीराम महतो का क्षतिग्रस्त घर
जाल्ला गांव में क्षतिग्रस्त राजेन महतो का घर
लायलम पंचायत अंतर्गत पुनसा गांव के कोलाबनी टोला में विजय हांसदा का कच्चा मकान पूरी तरह ढह जाने से परिवार के लोग बाल-बाल बचे। उन्होंने बताया कि गिरने की संभावना को देखते हुए सभी लोग घर के बाहर निकल गए थे और देखते ही देखते फूस की छत समेत दीवारें ढह गई। उसमें फंसे दो बैल घायल हो गए। सूचना पाकर पहुंचे ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बैलों को घर से बाहर निकाला। जबकि घर के अंदर रखे अनाज, वस्त्र एवं बर्तनों समेत अन्य सामान मलबे में दब गए। इससे विजय हांसदा को हजारों का नुकसान हुआ और परिवार के लोग बेघर हो गए हैं। एकमात्र घर के ढह जाने से परिवार के लोग दूसरे के घरों में आश्रय लेने को मजबूर हैं। बेलडीह पंचायत के बंगोई गांव में मदन महतो के घर के बगल में मौजूद तालाब के ओवरफ्लो होने व घर के अंदर लगातार पानी घुसने की वजह से दीवारें ढह गई।
दूसरी ओर पटमदा के जाल्ला गांव में कंठीराम महतो, देवेन महतो, सुनील महतो, राजेन महतो, जगबंधु महतो व बाबूराम महतो का कच्चा मकान ध्वस्त हो गया है। बताते हैं कि कंठीराम महतो का पूरा परिवार एक एक पक्के मकान में रहते हैं जबकि उस कच्चे मकान में सामानों को रखते थे। उसके ढह जाने से अंदर रखे हजारों रुपए का टाइल्स एवं कृषि यांत्रिकी दबकर खराब हो गए। बाबूराम महतो के घर की दीवारें क्रैक होने की वजह से 30 क्विंटल धान समेत अन्य सामानों को निकाला नहीं जा सका। पूरे परिवार के लोग अपने एक अन्य निर्माणाधीन मकान में रह रहे हैं। उन्हें बारिश में धान के भींगने का भय सता रहा है।





