बोड़ाम में पटाखा फोड़ने को लेकर विवाद, मारपीट के बाद बंधक बने घायल 5 बारातियों को पुलिस ने कराया मुक्त
Patamda: बोड़ाम थाना क्षेत्र अंतर्गत लावजोड़ा गांव में शनिवार को देर रात घाटशिला क्षेत्र से बरात आए लोगों का पटाखा फोड़ने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों के साथ विवाद हो गया। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और मारपीट तक पहुंच गई। इस घटना में धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के 4 व्यक्ति घायल हुए हैं जबकि डुमरिया थाना क्षेत्र का 1 नाबालिग लड़का शामिल है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक लावजोड़ा गांव में बारातियों का जुलूस गुजरते वक्त एक संभ्रांत परिवार के घर में एक पटाखा ऊपर से गिर गया। इसके बाद बाहर निकलकर पटाखा फोड़ने से मना करने पर बहस एवं मारपीट हो गई। रात करीब 2 बजे के बाद दर्जनों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने 5 बारातियों को दुल्हन के घर से पकड़कर लाया और एक घर के अंदर बांध दिया गया। बारातियों में शामिल धालभूमगढ़ के एक चौकीदार द्वारा बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार को 3 बजे फोन करके घटना की जानकारी दी गई। करीब साढ़े तीन बजे लावजोड़ा पहुंचे बोड़ाम थाने के एएसआई मोहम्मद मजीद ने बंधक बने लोगों को मुक्त कराया और इलाज हेतु माचा स्थित सीएचसी अस्पताल भेज दिया। समाचार लिखे जाने तक थाना में किसी तरह की कोई लिखित शिकायत नहीं की गई है।
घायलों में धालभूमगढ़ थाना क्षेत्र के केंदबनी निवासी गौतम धान (25 वर्ष) एवं पहाड़पुर निवासी सोनू भुईयां (25 वर्ष), अनिल भुईयां (40 वर्ष), हारु कर्मकार (27 वर्ष) एवं कालीमाटी, डुमरिया निवासी 16 वर्षीय एक नाबालिग भी शामिल है जो दूल्हे का रिश्तेदार बताया जाता है और उसके सिर पर चोट लगी है। बताते हैं कि बरात पहाड़पुर गांव से लावजोड़ा स्थित एक कर्मकार परिवार में आई थी।





