पटमदा के दांदूडीह में मछली खाने से फैली डायरिया, एक महिला समेत 3 की मौत, कई दर्जन आक्रांत
बंगाल के बारी अस्पताल में 4, पटमदा में 2 मरीज हैं इलाजरत
पटमदा सीएचसी की मेडिकल टीम ने लगातार दो दिन किया कैंप
Patamda: पटमदा प्रखंड के पश्चिम बंगाल सीमा से सटे ओड़िया पंचायत के दांदूडीह गांव में डायरिया फैलने से गांव के कई दर्जन लोग बीमार हो गए हैं। जबकि इस बीमारी से अब तक 3 बुजुर्गों की मौत हो चुकी है। डायरिया फैलने का कारण खेतों की छोटी मछलियां खाने को बताया जा रहा है। रविवार को सुबह गंभीर हालत में झामुमो के पंचायत सचिव महेंद्र महतो के पिता हिमांशु महतो व पत्नी नीलिमा महतो को पटमदा के माचा स्थित सीएचसी में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों का इलाज जारी है। सूचना पाकर पहुंचे विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू ने चिकित्सकों से बात की एवं गांव में कैंप लगाने का अनुरोध किया।
इस संबंध में महेंद्र महतो ने बताया कि गांव में करीब 10 दिनों पूर्व कई परिवार के लोगों ने धान के खेतों से पकड़ी गई छोटी मछलियां (पुंठि) लगातार कई दिनों तक खाई थी जिसके बाद ही लोगों को उल्टी और दस्त होने लगी। कुछ लोगों ने ग्रामीण चिकित्सक से इलाज करवाया और ठीक भी हुए। लेकिन तीन बुजुर्गों में शांति मुर्मू (65) एवं सावित्री महतो (62) की मौत पश्चिम बंगाल में इलाज के बाद घर में ही हो गई थी जबकि गंभीर बीमारी से पीड़ित लॉबिंद्र महतो (67) की मौत मर्सी अस्पताल, जमशेदपुर में इलाज के दौरान हुई।
गंभीर हालत में गांव के संजय महतो, बिनोद महतो समेत 4 लोगों को दो दिनों पूर्व पश्चिम बंगाल के बारी अस्पताल में परिजनों ने भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि शनिवार को दांदूडीह गांव में पटमदा सीएचसी की ओर से मेडिकल कैम्प लगाया गया था। कैम्प में चिकित्सक ने डायरिया से प्रभावित सभी मरीजों की जांच करते हुए आवश्यक दवाइयां दी थी। साथ ही नियंत्रण नही होने पर अविलंब सीएचसी में ले आने की सलाह दी थी। रविवार को भी पटमदा की मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर इलाज किया। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और गांव में हमारी नजर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ने पर सोमवार को भी मेडिकल टीम गांव में जाएगी।





