जेएसएससी प्रतिभागियों ने चिलगु पुनर्वास स्थल का किया एक्सपोजर विजिट, क़रीब से जाना पूर्व विस्थापितों का दर्द

चिलगु में चार दिवसीय झारखंड सामाजिक परिवर्तनशाला संपन्न

Chandil: चांडिल क्षेत्र के चिलगु चाकुलिया स्थित सोबरन स्मृति ट्रेनिंग सेंटर में झारखंड सामाजिक परिवर्तनशाला (JSSC 2020-25) के दूसरे बैच की पहली आवासीय कार्यशाला के चौथे दिन प्रतिभागियों ने कुल पांच समूहों में बंटकर चिलगु पुनर्वास स्थल (कॉलोनी) का एक्सपोजर विजिट किया और वहां रह रहे पूर्व विस्थापित ग्रामीणों की मौजूदा स्थिति को लेकर उनसे सीधा संवाद किया। इस क्रम में विभिन्न जाति समुदायों के कई परिवारों की आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक, भौगोलिक आदि स्थिति के बारे में उन्होंने क़रीब से जाना।
विस्थापन का दर्द
इस क्रम में प्रतिभागियों ने यह समझा कि स्वर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना अंतर्गत चांडिल डैम से पूर्ण और आंशिक रूप से 116 गांव विस्थापित हुए हैं, जिन्हें अपनी पुरखों की ज़मीन, घर, संस्कृति, पहचान आदि को छोड़कर यत्र तत्र बिखर कर बसने को विवश होना पड़ा। उनके दर्द को वही समझ सकता है, जो कुछ दिन उनके साथ रह ले।
झारखंड में विस्थापन की समस्या वर्षों से क़ायम है
एक्सपोजर विजिट के बाद प्रतिभागियों ने बारी-बारी से अपने अनुभव साझा किए। तफ्सील से इस पर समीक्षा की गई और यह महसूस किया गया कि झारखंड में विस्थापन की समस्या वर्षों से क़ायम है और सरकारी स्तर पर पुनर्वास को लेकर कोई ठोस कार्य नहीं किए जाते।
रिवीजन सत्र
शाम को प्रतिभागियों ने चार दिनों तक चले शिविर के दौरान विभिन्न सत्रों में हुई चर्चा, संवाद, विभिन्न गतिविधियों आदि का सिंहावलोकन किया और बताया कि कई ऐसी नई तथ्यात्मक बातों की जानकारी उन्हें पहली बार मिली। एक नया दृष्टिकोण मिला।
शिविर को लेकर प्रतिभागियों ने दिए फीडबैक
रात्रि भोजन के उपरांत नौ बजे से ग्यारह बजे तक प्रतिभागियों ने शिविर के बारे में अपना फीडबैक देते कहा कि सामाजिक परिवर्तनशाला की सार्थकता वर्तमान समय में काफ़ी है। समाज में रचनात्मक परिवर्तन के लिए ख़ासकर युवा अहम भूमिका निभा सकते हैं और इसके लिए इस प्रकार की कार्यशालाएं समूचे राज्य और देश में नियमित तौर पर आयोजित किए जाने की महती आवश्यकता है।
रंगकर्मी और अभिनेता प्रेम शर्मा और बॉलीवुड से जुड़े निशान भी पहुंचे शिविर स्थल
इससे पहले दोपहर के समय जमशेदपुर से रंगकर्मी और अभिनेता प्रेम शर्मा और मुंबई में यशराज फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर रह चुके निशान सपरिवार शिविर स्थल पहुंचे और प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
अरविंद अंजुम ने पदयात्रा के बारे में की चर्चा
शिविर स्थल में शाम को सर्व सेवा संघ से जुड़े गांधीवादी चिंतक, विचारक और वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद अंजुम ने गांधी जयंती के अवसर पर 2 अक्टूबर से 26 नवंबर संविधान दिवस तक बनारस राजघाट से दिल्ली राजघाट तक होने वाली पदयात्रा ” एक कदम गांधी के साथ” के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी और उक्त पदयात्रा से जुड़ने की अपील की। इसके बाद सभी ने अरविंद अंजुम का जन्मदिन बड़े ही उल्लास और जोश के साथ मनाया।




