दलमा की पहाड़ी पर बसे कंकाधासा के 17 बच्चों को डालसा की पहल पर मिला जन्म प्रमाण पत्र

Patamda: दलमा की पहाड़ी पर बसे कोंकाधासा गांव के 17 बच्चों को एक साथ जन्म प्रमाण पत्र मिलने से वहां के लोगों में प्रशासन पर भरोसा बढ़ा है। यह काम संभव हुआ है बोड़ाम प्रखंड के पीएलवी निताई चंद्र गोराई के अथक प्रयास से। दरअसल बोड़ाम प्रखंड अंतर्गत बोंटा पंचायत के इस गांव में कभी भी कोई सरकारी अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंच पाते हैं। कोई चाहकर भी इसलिए हिम्मत नहीं जुटा पाते हैं क्योंकि बोंटा पंचायत के चिमटी गांव के रास्ते वहां तक पहुंचने में 10 किमी से भी अधिक दूरी पहाड़ी के रास्ते तय करना पड़ता है और अक्सर हाथियों से सामना हो जाता है। जबकि दूसरी तरफ एक अन्य रास्ता है जो चांडिल के शहरबेड़ा के रास्ते जाना पड़ता है और उसकी दूरी काफी अधिक हो जाती है। करीब 8 माह पूर्व जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) द्वारा चलाए गए डोर टू डोर कैंपेन के तहत वहां रह रहे 27 आदिवासी भूमिज समुदाय के परिवारों के 26 बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र नहीं होने की जानकारी पीएलवी को मिली। इसका कारण पूछने पर परिजनों द्वारा बताया गया कि इसमें काफी चक्कर लगाना पड़ता है इसलिए नहीं बनवा पाए हैं। जन्म प्रमाण नहीं रहने के कारण बच्चों का आधार कार्ड नहीं बना और बिना आधार के बैंक खाता भी नहीं खुला।
प्राथमिक विद्यालय कोंकाधासा में पदस्थापित शिक्षक गोवर्धन मुर्मू ने बताया कि आधार एवं बैंक खाता नहीं रहने के कारण बच्चों को सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से वे वंचित रह जाते हैं। खासकर छात्रवृत्ति व यूनिफॉर्म आदि की राशि नहीं मिल रही थी। समस्या का त्वरित समाधान हेतु पीएलवी निताई चंद्र गोराई ने कैंप लगाकर तथा गांव का कई बार दौरा करते हुए सभी बच्चों का जन्म प्रमाण पत्र हेतु आवेदन पत्र तैयार किया। इस मामले में बीडीओ किकू महतो ने भी रुचि दिखाई और तत्काल निर्देश देते हुए उनके लिपिक अरुण प्रसाद को जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद सभी आवेदनों को अनुमंडल कार्यालय भेजा गया और लंबी प्रक्रिया के बाद अंततः 17 बच्चों को जन्म प्रमाण पत्र मिल गया है। पांच आवेदन में कुछ त्रुटियां होने के कारण दुबारा अनुमंडल कार्यालय भेजा गया है जबकि अन्य आवेदन जरुरी कागजात के अभाव में लंबित हैं। गांव के ही सुनील सिंह, झरना सिंह एवं चंपाकली सिंह ने बाकि बचे हुए बच्चो का जन्म प्रमाण पत्र बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया तथा बच्चो का आधार कार्ड बनाने हेतु पंचायत स्तर पर एक कैंप लगाने की मांग रखी। आधार कैंप के बारे में बीडीओ ने सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया है। दूसरी ओर डालसा के सचिव धर्मेन्द्र कुमार ने एक बार गांव का दौरा करने की इच्छा जताई एवं आधार कार्ड हेतु कैंप लगवाने का आश्वासन दिया है।





