पुलिस अभिरक्षा में संदिग्ध मौत मामले में पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त से शिकायत, उच्चस्तरीय जांच की मांग
Jamshedpur : एमजीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत गोकुलनगर निवासी रहे अजीत महतो (22 वर्ष) की पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले में समाजसेवी सह जमशेदपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी विश्वनाथ महतो ने शुक्रवार को जिले के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी को एक ज्ञापन सौंपकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया है कि 1 जनवरी 2026 को स्थानीय एक दैनिक समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के माध्यम से ज्ञात हुआ कि बीते रविवार को मानगो एमजीएम थाना क्षेत्र अंतर्गत गोकुलनगर निवासी अजीत महतो को चोरी के संदेह में पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए थाना ले जाया गया, जहां से बाद में उसकी तबीयत बिगड़ने की बात कहते हुए एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया और इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
मृतक के परिजनों द्वारा यह आरोप लगाया गया है कि थाना में पूछताछ के दौरान युवक के साथ बेवजह एवं अमानवीय प्रताड़ना की गई, जिसके कारण उसकी हालत गंभीर हुई और अंततः बुधवार को उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना न केवल मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है, बल्कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। मामले की गंभीरता इस बात से और बढ़ जाती है कि मृतक की पत्नी ने हाल ही में एक संतान को जन्म दिया है और पूरा परिवार गहरे सदमे एवं असहनीय पीड़ा में है। यदि इस प्रकरण में निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच नहीं हुई, तो आम जनता का कानून एवं प्रशासन से विश्वास डगमगा जाएगा। समाजसेवी ने उपायुक्त से 5 बिंदुओं पर मांग करते हुए कहा कि
1. इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष न्यायिक/प्रशासनिक जांच कराई जाए।
2. पोस्टमार्टम रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज, थाना डायरी एवं मेडिकल रिपोर्ट की स्वतंत्र समीक्षा कराई जाए।
3. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने वाले पुलिस पदाधिकारियों/कर्मचारियों पर बीएनएस की सुसंगत धाराओं एवं मानवाधिकार कानूनों के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
4. मृतक के परिजनों को न्यायसंगत मुआवजा एवं सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाए।
5. भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए संबंधित थाना पर प्रशासनिक अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि यह मामला केवल एक परिवार के न्याय का नहीं, बल्कि कानून के राज और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का प्रश्न है। हमें पूर्ण विश्वास है कि आपके हस्तक्षेप से पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा। इस संबंध में विश्वनाथ महतो ने बताया कि उपायुक्त ने तत्काल मामले को एसएसपी को भेजते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सूत्रों ने बताया कि पुलिस द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने के पश्चात अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप दिया गया है और एक राजनीतिक दल के कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप पर दो लाख रुपए का मुआवजा देकर परिजनों से समझौता कर लिया गया है। शव को लेकर परिजन अपने गांव खाखड़ा (सरायकेला) चले गए हैं। अब इस मामले में प्रशासन की निष्पक्ष जांच पर ही निर्भर करता है कि पीड़ित परिवार को कितना न्याय मिल सकता है। विश्वनाथ ने मामले में सीएम हेमंत सोरेन को भी ट्वीट किया है। इस घटना को लेकर कुड़मी समाज के लोगों में काफी आक्रोश है।





