भुईयांसिनान में विशाल टुसू मेला आयोजित, विधायक मगंल कालिंदी ने किया टुसू दल को पुरस्कृत

Patamda: रविवार को बोड़ाम प्रखंड के भुईयांसिनान में पटमदा मुख्य सड़क के किनारे डोरेन सिंह मुंडा स्मृति विशाल टुसू मेला का आयोजन किया गया। क्षेत्र के सबसे बड़े मेले के रूप में यह मेला अपनी पहचान बना चुका है। इसमें पटमदा, बोड़ाम, जमशेदपुर, पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल समेत कई इलाकों से हजारों की संख्या में महिला – पुरुष सैकड़ों छोटे- बड़े वाहनों में सवार होकर जुलूस की शक्ल में दोपहर से देर शाम तक पहुंचे और मेला का आनंद उठाया। बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी ने टुसू में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली पुनसा एवं चौड़ल में खोखरो की टीम को 5-5 हजार रुपए का पुरस्कार दिया।
मौके पर अन्य अतिथियों में बोड़ाम के पूर्व जिला पार्षद स्वपन कुमार महतो, जिला पार्षद प्रतिनिधि माणिक चंद्र महतो, विधायक प्रतिनिधि चंद्रशेखर टुडू, झामुमो नेता सुभाष कर्मकार, दीपंकर महतो, छुटुलाल हांसदा, विनय मंडल, काजल सिंह, हरिहर सिंह, सुकुमार बेसरा, भक्तरंजन भूमिज, लुलु बहादुर के हाथों अन्य दलों को पुरस्कृत किया गया। मौके पर कमेटी के सदस्य सह ग्राम प्रधान रवींद्र नाथ सिंह, हाकिम चंद्र महतो, देवेन सिंह, मंगल सिंह, शशि भूषण सिंह, जीतू मार्डी, चैतन कुमार बेसरा, गिरिधर सिंह, ललिता महतो एवं शंकर कच्छप आदि उपस्थित थे।
विधायक मंगल कालिंदी ने मेला को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड का महापर्व है टुसू और मकर संक्रांति। हमारे राज्य के लोग जो दूसरे राज्यों में रोजगार के लिए जाते हैं या प्रदेश में ही अपने घर से दूर रहकर काम करते हैं, इस पर्व में अपने घर जरूर लौटते हैं और पूरे परिवार के साथ खुशियां मनाते हैं। विधायक ने उपस्थित लोगों को मकर संक्रांति व टुसू पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य के युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन लगातार आदिवासी मूलवासी, गरीब, मजदूर व किसानों समेत हर वर्ग के लोगों तक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए तत्परता से कार्य कर रहे हैं। विधायक ने लोगों से कहा कि आप तुलना करके देखेंगे तो पता चलेगा कि पूर्व की सरकारों में राज्य की जनता के लिए कोई उल्लेखनीय काम नहीं हुए हैं। कालिंदी ने कहा कि पर्व त्योहार हमारी संस्कृति है जिसे बचाने के लिए सभी को आगे आने की जरूरत है लेकिन इसके साथ ही अपने बच्चों की पढ़ाई पर भी ध्यान देना होगा। मेला को चंद्रशेखर टुडू, स्वपन कुमार महतो, माणिक महतो व सुभाष कर्मकार ने भी संबोधित किया। मेला के दौरान टुसू, चौड़ल एवं अन्य सांस्कृतिक दलों ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से लोगों का खूब मनोरंजन किया।





