चाईबासा : मुठभेड़ में ढेर हुआ एक करोड़ का इनामी नक्सली अनल दा, अब सचिन के सरेंडर की बढ़ी उम्मीद
Jamshedpur: पश्चिमी सिंहभूम जिले में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। इसमें गिरिडीह जिले के पीरटांड़ निवासी रहे पतिराम माझी उर्फ अनल दा मुठभेड़ में ढेर हो गए हैं। चाईबासा के घने जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच गुरुवार को हुई भीषण मुठभेड़ में एक करोड़ रुपये का इनामी कुख्यात नक्सली करीब 65 वर्षीय पतिराम माझी उर्फ अनल दा मारा गया। इस कार्रवाई को झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया।
सुरक्षाबलों को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली संगठन का शीर्ष नेता अपने दस्ते के साथ इलाके में मौजूद है। सूचना के आधार पर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद दोनों ओर से जवाबी कार्रवाई हुई। लंबी चली मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने पतिराम माझी को मार गिराया।
बताया जाता है कि पतिराम माझी उर्फ अनल दा नक्सली संगठन का केंद्रीय सदस्य था और झारखंड, ओड़िशा व छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में कई बड़ी नक्सली घटनाओं में उसकी संलिप्तता रही है। वह दलमा, दामपाड़ा समेत कई दस्तों को प्रशिक्षण देता था। पटमदा थाना क्षेत्र के झुंझका गांव निवासी इनामी नक्सली एवं सांसद सुनील महतो का हत्यारा रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन पिछले कई वर्षों से अनल दा के दस्ते में रहकर उसके सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहा था। सूत्रों के अनुसार नक्सली सचिन काफी दिनों से पत्नी मीता के साथ सरेंडर करने की कोशिश कर रहा था। लेकिन अनल दा उसे सरेंडर करने नहीं दे रहे थे। अब सचिन के सरेंडर की उम्मीद बढ़ गई है। मुठभेड़ के दौरान सचिन के भी साथ होने की जानकारी मिल रही है। अनल दा पर सुरक्षाबलों पर हमले, आईईडी ब्लास्ट, हत्या और लेवी वसूली जैसे कई गंभीर मामले दर्ज थे। लंबे समय से पुलिस को उसकी तलाश थी और उस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित किया गया था।





