पटमदा के सबर बच्चों संग डीसीएलआर के बेटे दुर्जय ने मनाया जन्मदिन, पूछा: पापा, ये लोग ऐसे मकानों में ही रहते हैं ?

Patamda: जमशेदपुर के भूमि सुधार उप समाहर्ता (डीसीएलआर) सचिदानंद महतो ने रविवार को पटमदा के बांतोड़िया गांव स्थित सबर टोला में आदिम जनजाति परिवारों के बीच अपने बेटे दुर्जय का जन्मदिन मनाया। इस दौरान दर्जनों महिलाओं के बीच वस्त्र एवं बच्चों के बीच विभिन्न प्रकार के उपहार का वितरण किया गया। इस दौरान सबर परिवारों की दयनीय स्थिति को देखते हुए दुर्जय ने अपने पिताजी से पूछा : पापा, ये लोग ऐसे मकानों में ही रहते हैं? इस पर जवाब मिला कि बेटा विलुप्त प्राय आदिम जनजाति समुदाय से आते हैं और उनके इनके संरक्षण के लिए केंद्र एवं राज्य की सरकार इन्हें विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ती हैं। ये लोग जिन मकानों में रहते हैं, सरकार की ओर से ही बिरसा आवास योजना के तहत बनवाकर दी गई हैं। पीवीटीजी के तहत 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को 1 हजार रुपए का पेंशन, प्रति परिवार 35 किलो चावल आदि की सुविधाएं मिलती हैं। लेकिन इनके बच्चे सही ढंग से पढ़ाई नहीं करते हैं, इसलिए पिछड़े हुए हैं। हालांकि वर्तमान में उनमें भी जागरूकता आई है और उनके बच्चे भी पढ़ाई पर ध्यान देने लगे हैं। वे भी अब आगे बढ़ने लगे हैं।

इससे पूर्व दुर्जय ने 10 साल पूरा होने पर सबर बच्चों के साथ केक भी काटा। उपस्थित लोगों ने दुर्जय को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं। गौरतलब हो कि पटमदा प्रखंड में बीडीओ रहते सचिदानंद महतो ने काफी बेहतर काम किया था जिसकी चर्चा आज भी गांवों में होती है। उन्होंने बताया कि सुदूर गांवों में रहने वाले लोगों के बीच जन्मदिन का उत्सव मनाने का उद्देश्य यही रहा कि शहर में रहने वाले बच्चे भी ग्रामीण परिवेश एवं लोगों के रहन -सहन के बारे में अनुभव हासिल कर सके और भविष्य में बड़े होकर लोगों की सेवा करने की भावना विकसित हो सके।





