संगठन में कमियां होना स्वाभाविक लेकिन खामियां नहीं होनी चाहिए: अंजनी कुमार
चांडिल डैम में झारखंड पुलिस एसोसिएशन का मिलन समारोह, लंबित कार्यों एवं प्रोन्नति संबंधी मामलों पर चर्चा
Chandil: सरायकेला – खरसावां जिले के चांडिल डैम के निकट शीश महल में रविवार को झारखंड पुलिस एसोसिएशन का नववर्ष मिलन समारोह आयोजित हुआ। मौके पर उपस्थित वक्ताओं ने संगठन का महत्व, पदाधिकारियों की भूमिका एवं अन्य मुद्दों पर वक्ताओं ने अपने – अपने विचार व्यक्त किए। झारखंड पुलिस एसोसिएशन के पूर्व संगठन सचिव अंजनी कुमार यादव ने कहा कि संगठन में कमियां होना स्वाभाविक है लेकिन खामियां नहीं होनी चाहिए क्योंकि खामियां होने पर संगठन का अस्तित्व हो खत्म हो जाता है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान संगठन के माध्यम से कर्मचारियों के हित में किए गए कार्यों का उल्लेख करते हुए वर्तमान पदाधिकारियों को कई महत्वपूर्ण सुझाव दिया।
कार्यक्रम को पूर्व महामंत्री चंद्रगुप्त सिंह व कमल किशोर, पूर्व उपाध्यक्ष जयपाल सिरका, पूर्व संयुक्त सचिव तारकेश्वर प्रसाद, पूर्व संगठन सचिव राजकुमार दहाल व अंजनी कुमार यादव, झारखंड पुलिस सर्विस एसोसिएशन के महामंत्री डीएसपी बुधराम उरांव, संयुक्त सचिव डीएसपी परवेज आलम, झारखंड पुलिस मेंस एसोसिएशन के महामंत्री रमेश उरांव ने भी संबोधित किया। मौके पर झारखंड चतुर्थ वर्ग एसोसिएशन के केंद्रीय पदाधिकारी एवं झारखंड पुलिस लिपिक एसोसिएशन केंद्रीय पदाधिकारी अतिथि के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता झारखंड पुलिस एसोसिएशन के केंद्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार मुर्मू ने की। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसोसिएशन के उपाध्यक्ष (1) मोहम्मद महताब आलम, उपाध्यक्ष (2) रोहित रजक, महामंत्री संजीव कुमार, संयुक्त सचिव (1) संतोष कुमार महतो, संयुक्त सचिव (2) राकेश पांडे, कार्यकारी सदस्य, विशेष आमंत्रित सदस्य, प्रक्षेत्र मंत्री, क्षेत्रीय मंत्री, सभी जिला वाहिनी इकाई एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस दौरान लंबित कार्यों को पूरा करने एवं प्रोन्नति संबंधी मामलों का निपटारा करने हेतु एसोसिएशन के पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। रांची प्रक्षेत्र के मंत्री भागवत मुर्मू ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में आयोजित कोर कमेटी की बैठक के पूर्व समस्त दिवंगत साथियों की आत्मा की शांति हेतु दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद संगठन के अब तक के कार्यों की समीक्षा के उपरांत भविष्य की रणनीति तय की गई। प्रकृति की गोद में बसे चांडिल डैम में राज्यभर से सैकड़ों की संख्या में पहुंचे पुलिस के पदाधिकारियों ने वनभोज का आनंद उठाया।





