झामुमो नेता अजय रजक का तीखा हमला, दलबदलू भुईयां हैं दुलाल : अजय रजक
Jamshedpur: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के दलित मोर्चा के वरिष्ठ नेता सह झारखंड आंदोलनकारी अजय रजक ने दुलाल भुईयां पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि झामुमो से झाविमो, फिर कांग्रेस, बसपा और दोबारा झामुमो में लौटने के बाद अब दूसरी बार भाजपा में शामिल हुए दुलाल भुईयां को दलबदलू भुईयां के नाम से पुकारा जाना चाहिए। सोमवार को जारी विज्ञप्ति में रजक ने कहा कि दलित और शोषित समाज झामुमो के नेतृत्व वाली झारखंड सरकार में संतुष्ट है। उन्हें हेमंत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं का पूरा लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि पिछले विधानसभा चुनाव में दलित समाज ने लगभग शत-प्रतिशत समर्थन देकर हेमंत सोरेन को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाई।
अजय रजक ने सवाल उठाया कि दुलाल भुईयां यह स्पष्ट करें कि जुगसलाई विधानसभा क्षेत्र से उन्हें तीन बार विधायक और दो बार मंत्री किसने बनाया? ऐसे में झामुमो में दलितों को सम्मान नहीं मिलने की बात करना समझ से परे है। उन्होंने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें यह ज्ञात होना चाहिए कि संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को 1990 में झामुमो समर्थित राष्ट्रीय मोर्चा की केंद्र सरकार ने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया था। उस समय भारतीय जनता पार्टी मंडल आयोग का विरोध कर रही थी। ऐसे में भाजपा नेतृत्व किस आधार पर खुद को दलित और पिछड़ों का हितैषी बता रहा है? रजक ने आगे कहा कि दुलाल भुईयां स्वयं को दलित-पिछड़ा वर्ग का बड़ा नेता बताते हैं, तो उन्हें यह भी बताना चाहिए कि पिछले विधानसभा चुनाव में उनके पुत्र को कितने वोट मिले और झामुमो प्रत्याशी को कितने। इससे उनके राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि नगर निकाय चुनाव में दुलाल भुईयां का समर्थन किसी भी दल के प्रत्याशी को विशेष लाभ नहीं पहुंचाएगा, जबकि हेमंत सोरेन सरकार की जनहितकारी योजनाएं झामुमो समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाएंगी।





