वैज्ञानिक चेतना के बिना कोई भी समाज व राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता है : विधायक
विज्ञानं हमें सवाल करना सिखाता है – कान्हाई बारिक
चिलगु चाकुलिया में लगा बाल विज्ञान उत्सव, बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे हुए शामिल
Chandil: विज्ञान में महिलाओं और बालिकाओं का अंतर्राष्ट्रीय दिवस 11 फरवरी तथा चार्ल्स डार्विन की जयंती 12 फरवरी को चिलगु चाकुलिया स्थित सोबरन स्मृति ट्रेनिंग सेंटर में दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन गांधियन इंस्टीट्यूट फॉर रिसर्च एंड सोशल चेंज (GIRSC) के तत्वावधान में किया गया। इस दौरान पोस्टर प्रदर्शनी, विज्ञान प्रदर्शनी, पुस्तक प्रदर्शनी, फिल्म स्क्रीनिंग, निबंध प्रतियोगिता जैसे विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ जिसमें बड़ी संख्या में विभिन्न विद्यालयों के छात्र छात्राओं ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दुसरे दिन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्थानीय विधायक सविता महतो ने उत्कृष्ट निबंध लिखने वाले और विज्ञान के कई अच्छे मॉडल प्रस्तुत करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र प्रदान किया। अपने संबोधन में विधायक ने कहा कि ये बच्चे समाज और देश भविष्य हैं। इन्हें सही और सारगर्भित ज्ञान मिले तो आगे चलकर ये अपने माता-पिता, अध्यापकों और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक चेतना के बिना कोई भी समाज और राष्ट्र आगे नहीं बढ़ सकता है। उन्होंने इस प्रकार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में वैज्ञानिक सोच का विकास होगा, जो समाज और देश के लिए काफी उपयोगी सिद्ध होगा।
घाटशिला कॉलेज के भौतिकी विज्ञान के प्राध्यापक डॉ. कान्हाई बारिक बारिक ने बच्चों को विज्ञान के सही स्वरूप के बारे में कई उदहारण देते हुए कहा कि चार्ल्स डार्विन द्वारा जीव जगत के विकास विषय पर जो पूरे विश्व को दिया है, उसे कभी कोई अस्वीकार नहीं कर सकता है। इस दौरान पटमदा इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य और वर्तमान में श्रीनाथ कॉलेज के गणित विभागाध्यक्ष डॉ. तरुण कुमार महतो ने कई वैज्ञानिक प्रयोग कर बच्चों को दिखाया और बच्चों का उत्सावर्धन करते हुए अध्ययनशीलता को अपना साथी बनाकर जीवन में आगे चलने की सलाह दी।
कार्यक्रम के दौरान पहले दिन विज्ञान से जुड़ी महान हस्तियों के पोस्टर्स की प्रदर्शनी, छात्र छात्राओं द्वारा लगाए गए विज्ञान से प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी एवं प्रोजेक्टर के माध्यम से विज्ञान संबंधी वृत्त चित्र और लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
पोस्टर्स में विज्ञान से जुड़ी विश्व एवं भारत की कई महिलाओं की तस्वीरों के साथ-साथ उनकी संक्षिप्त जीवनी और उनके द्वारा किए गए कार्यों को दर्शाया गया। इसके अलावा कई अन्य महान हस्तियों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। बाल विज्ञान उत्सव के दौरान सेंटर परिसर में अनेक वैज्ञानिक चेतना से ओत-प्रोत किताबों का स्टाल लगा. कई किताबें बच्चों में बांटी गई और उन्हें पढ़ने को कहा गया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा बनाए गए विज्ञान से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी लगाई गई, जिन्हें सभी बच्चों ने बड़े ही उत्सुकता से देखा और उनके बारे में जानकारी प्राप्त की। इस क्रम में विज्ञान से जुड़ी कई डॉक्यूमेंट्री एवं शॉर्ट वीडियो फिल्में भी प्रदर्शित की गई। बच्चों ने उनको बड़ी ही तल्लीनता से देखा और समझा। स्कूली बच्चों ने चार्ल्स डार्विन द्वारा जीव जगत के लिए किए गए महत्वपूर्ण कार्यों के बारे में जाना। इस अवसर पर ग्रामीणों की तरफ़ से यहां ट्रेनिंग सेंटर के किनारे बह रहे गुरु झरना नाले पर कनियाडूबा घाट के समीप अविलंब एक पुलिया का निर्माण कराने हेतु पहल करने की मांग की गई। कार्यक्रम में उत्क्रमित मध्य विद्यालय शहरबेड़ा एवं चिलगु उच्च विद्यालय के बच्चों के अलावा शिक्षकों की भी उत्साहवर्धक सहभागिता रही। कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में काजल मुर्मू, विकास कुमार, अंकुर शाश्वत, शुभम कुमार, कृष्णा, प्रदीप रजक, कुमारी पूजा , शशांक शेखर, अर्पिता, बायला मानमी आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही।
इस दो दिवसीय विशेष कार्यक्रम में उपरोक्त विशिष्ट जनों के अलावे मुख्य रूप से जिप प्रतिनिधि ओम प्रकाश लायक, बादल महतो, शंकर लायक, मधु गोप, काबलु महतो आदि मौजूद रहे।





