क्षतिग्रस्त जलमीनार से 50 परिवार परेशान, महिलाओं ने खाली बर्तन लेकर किया प्रदर्शन
Patamda: पटमदा प्रखंड अंतर्गत गोबरघुसी गांव के दुर्गा मंदिर के समीप स्थित जलमीनार आंधी-तूफान में क्षतिग्रस्त होने के बाद से महीनों से अनुपयोगी पड़ा है। अब तक इसकी मरम्मत नहीं होने से करीब 50 परिवार गंभीर पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। समस्या से त्रस्त होकर सोमवार को दुर्गा मंदिर के आसपास रहने वाली एक दर्जन महिलाओं ने क्षतिग्रस्त जलमीनार के सामने खाली बर्तन लेकर प्रदर्शन किया और प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की।
ग्रामीण श्रीचरण माझी ने बताया कि फिलहाल महिलाएं दूसरे टोला में स्थित एक कुएं से पानी लाकर किसी तरह जरूरत पूरी कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गोबरघुसी माझी टोला का चापाकल भी लंबे समय से खराब पड़ा है, जिसकी मरम्मत अब तक नहीं कराई गई है। ग्रामीणों के अनुसार, समस्या की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधि और जल सहिया को भी दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है। महिला सबनी माझी ने बताया कि एकमात्र कुएं के सहारे पूरे टोला के लोग पानी की व्यवस्था कर रहे हैं। गर्मी के मौसम में जलस्तर गिरने की आशंका को देखते हुए उन्होंने चिंता जताई कि यदि कुआं भी सूख गया तो स्थिति और भयावह हो सकती है। ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षतिग्रस्त जलमीनार और खराब चापाकल की अविलंब मरम्मत कराने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे प्रखंड कार्यालय के बाहर सामूहिक प्रदर्शन करने को बाध्य होंगी।





