13 साल पूर्व पड़ी धनतेरस बाजार की नींव, अब 3 करोड़ से अधिक का कारोबार, 357 दुपहिया वाहनों की हुई बिक्री

Patamda: जमशेदपुर शहर में जहां धनतेरस को लेकर एक माह पहले से ही विभिन्न व्यवसायियों द्वारा तैयारी की जाती है और धनतेरस के दो दिनों पूर्व से बाजारों में भीड़ लगती है वहीं पटमदा जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में अब भी कोई खास असर नहीं दिखता है। हालांकि पिछले एक दशक से लोगों में धनतेरस को लेकर खरीदारी करने एवं इस त्योहार को मनाने की परंपरा शुरू हो चुकी है। इसकी नींव पड़ी 13 वर्ष पूर्व बेलटांड़ स्थित विजया ऑटोमोबाइल्स हीरो शोरूम से।
इसके एसोसिएट डीलर गोपाल कुमार ने 2012 में पहली बार धनतेरस को लेकर एक माह पूर्व से ही तैयारी शुरू की। ग्राहकों के बीच प्रचार -प्रसार करते हुए इसके महत्व को बताया और जागरूक किया। पहले ही साल में करीब एक दर्जन बाइक की बुकिंग कराई और धनतेरस के दिन उपहार के साथ डिलीवरी की। फिर उन्होंने बाजार के इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिक, बर्तन, ज्वेलरी व जनरल स्टोर के दुकानदारों से इसकी चर्चा करते हुए धनतेरस का बाजार सजाने की अपील की और देखते ही देखते ग्राहक भी इस दिन खरीदारी करना शुरू किया।
इस संबंध में लावा गांव निवासी गोपाल कुमार ने बताया कि भले ही उन्होंने बाजार की नींव रखी लेकिन सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के बाद आज क्षेत्र के अधिकांश लोग धनतेरस के बारे में जानने लगे हैं। इसलिए इस बार शनिवार को सुबह से ही बेलटांड़, पटमदा, काटिन व बोड़ाम बाजार में भीड़ देखी गई। सबसे अधिक बिक्री झाड़ू की रही। बाजार में आने वाले अधिकांश लोगों को झाड़ू खरीदते देखा गया। यहां बेलटांड़- लावा, काटिन एवं बोड़ाम के शोरूम से हीरो, होंडा, बजाज और टीवीएस का मिलाकर कुल 357 टू व्हीलर की डिलीवरी हुई जो पिछले 15 दिनों पूर्व से अब तक की बुकिंग रही। इसमें करीब ढाई करोड़ का कारोबार हुआ।
बाजार में बिक्री इस प्रकार की रही :
टू व्हीलर (बाइक, मोपेड व स्कूटर) – ढाई करोड़।
झाड़ू – 3 लाख
इलेक्ट्रॉनिक्स – 20 लाख
इलेक्ट्रिकल – 10 लाख
ज्वेलरी एवं अन्य – 30 लाख।





