एमजीएम थाने के पुलिसकर्मियों पर झूठ बोलकर एफआईआर करवाने का आरोप, एसएसपी से शिकायत
Jamshedpur: पूर्वी सिंहभूम जिले के एमजीएम थाना में पदस्थापित मुंशी व अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ सोमवार को उस क्षेत्र की रहने वाली राबड़ी प्रमाणिक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की है। महिला ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ झूठ बोलकर एफआईआर के कागज में जबरन हस्ताक्षर करवाने का गंभीर आरोप लगाया है।
राबड़ी प्रमाणिक का कहना है कि उनका बड़ा भाई चमटू प्रमाणिक उर्फ शंभू प्रमाणिक (28 वर्ष), जो बेताकोचा भूत बंगला स्थित एक स्टोन चिप्स और डस्ट मिक्सिंग फैक्ट्री में मजदूरी का काम करता है, बीते 24 अक्तूबर को काम के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना में उसका हाथ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। फैक्ट्री प्रबंधन द्वारा उसे पहले टीएमएच अस्पताल, जमशेदपुर और बाद में बेहतर इलाज के लिए एम्स भुवनेश्वर (ओड़िशा) भेजा गया, जहां उसका इलाज फैक्ट्री मालिक के सहयोग से चल रहा है। राबड़ी के अनुसार घटना के दो दिनों बाद दो व्यक्ति उनके घर पहुंचे और खुद को एमजीएम थाने का पुलिसकर्मी बताकर कहा कि बड़ा बाबू ने उसे थाने पर बुलाया है। जब परिवार के लोगों ने कहा कि वे कोई केस दर्ज नहीं करवाना चाहते, तो पुलिसकर्मियों ने कहा कि बुलाने का मकसद केवल मुआवजा और विकलांगता प्रमाण पत्र बनवाने में मदद करना है। उनकी बातों पर विश्वास कर वह थाना पहुंची, जहां मुंशी ने पहले से तैयार एक आवेदन पर हस्ताक्षर करवाए। बाद में पता चला कि वह आवेदन वास्तव में एफआईआर की कॉपी थी, जो धोखे से साइन करवाया गया।
राबड़ी प्रमाणिक का कहना है कि उनके गांव बेताकोचा में घटना के बाद एक ग्राम सभा हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया था कि घायल मजदूर का इलाज अच्छे से कराया जाए, उसे मुआवजा और स्थायी नौकरी दी जाए और कोई कानूनी मामला दर्ज नहीं किया जाए। फैक्ट्री मालिक ने भी इस निर्णय को स्वीकार किया था। इसके बावजूद एमजीएम थाना के पुलिसकर्मियों ने झूठ बोलकर एफआईआर दर्ज कर लिया, जो न केवल अन्यायपूर्ण बल्कि धोखाधड़ी है। राबड़ी प्रमाणिक ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि गरीब मजदूर परिवार के साथ इस तरह का छल अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जाए और झूठे तरीके से दर्ज की गई एफआईआर को रद्द किया जाए। वह वर्तमान में एमजीएम थाना क्षेत्र के बेताकोचा स्थित अपनी मायके में ही रहती है जबकि उसकी ससुराल पश्चिम बंगाल के बलरामपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रापकाटा है।





