पटमदा एवं बोड़ाम प्रखंड में दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय फर्स्ट लिटिल चैंप्स एवं सुब्रतो कॉप फुटबॉल प्रतियोगिता शुरू

Patamda : दो दिवसीय प्रखंड स्तरीय फर्स्ट लिटिल चैंप्स एवं सुब्रतो कॉप फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ प्रखंड संसाधन केंद्र, पटमदा के जाल्ला स्थित मैदान में शनिवार को हुआ। खेल का उद्घाटन पटमदा के जिला परिषद सदस्य प्रदीप बेसरा ने फुटबॉल पर किक मारकर किया। अंडर – 12 बालक वर्ग में प्रावि गाड़ीग्राम की टीम विजेता तथा घोषडीह की टीम उपविजेता रही जबकि बालिका वर्ग में रांगाटांड़ उमवि विजेता एवं मादालकोचा उमवि की टीम उप विजेता रही।

वहीं अंडर – 15 बालक में उमवि धूसरा की टीम विजेता तथा उमवि ओपो की टीम उप विजेता रही। सभी विजेता एवं उपविजेता टीमों को बीआरपी अवनी कुमार महांती व बीपीओ शकुंतला महतो के द्वारा ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस संबंध में शिक्षक प्रबोध कुमार महतो ने बताया कि प्रखंड स्तरीय खेल की विजेता टीमें जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेंगी। सफल संचालन में खेल शिक्षक राहुल कुमार, महेश द्विवेदी, बीआरपी अवनी कुमार महांती, बीपीओ शकुंतला महतो, अरविंद कुईला, प्रबोध कुमार महतो, अजीत कुमार, अम्ब्रेश कुमार, रामपद महतो, राज नारायण दत्त, रमेश तिवारी, प्राणकृष्ण कुंभकार, मधुमिता गोराई, बासुदेव महतो, अमीय दत्त, पंचानन महतो, अजय कुमार सिंह एवं पशुपति महतो आदि का सराहनीय योगदान रहा।
अंडर – 17 बालक एवं बालिका वर्ग की प्रतियोगिता सोमवार को होगी।
दूसरी ओर बोड़ाम प्रखंड का कार्यक्रम बांकादा फुटबॉल मैदान में आयोजित किया गया। इसमें प्रखंड अंतर्गत सभी मध्य विद्यालय, उत्क्रमित मध्य विद्यालय एवं प्राथमिक विद्यालय के वर्ग 3- 5 में अध्ययनरत छात्र- छात्राओं ने अंडर- 12 बालक/बालिका वर्ग की फुटबॉल प्रतियोगिता में भाग लिया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बेलडीह पंचयात की मुखिया विमला सिंह सरदार एवं विशिष्ट अतिथि बीपीओ कैलाशपति महतो उपस्थित थे। अतिथियों के हाथों विजेता व उप विजेता टीमों को ट्रॉफी एवं प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया गया। अंडर -12 बालक वर्ग में मवि कुईयानी विजेता एवं मवि चामटा की टीम उप विजेता रही। अंडर- 12 बालिका वर्ग में प्रावि धोबनी विजेता एवं मवि बोड़ाम उप विजेता रही।
मुख्य अतिथि ने शिक्षा में खेल के महत्व को बताते हुए कहा कि इससे छात्रों में रचनात्मकता एवं टीम भावना विकसित होती है। खेल छात्रों के स्वास्थ्य के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास में सहायक होता है। खेल-खेल में शिक्षा बोझरहित व मनोरंजक होती है। इससे बच्चों मे आत्मविश्वास एवं सामूहिकता का भाव उत्प्पन्न होता है। बच्चों के लिए खेल प्राकृतिक, सहज, आनंददायक एवं लाभप्रद होता है। कार्यक्रम में छात्रों के साथ -साथ दर्जनों शिक्षक भी उपस्थित थे। कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक मधुसूदन प्रसाद, जनार्दन गोराई, विनोद कुमार, मकर हेम्ब्रम, मुकेश प्रसाद, कृष्ण चंद्र दास, राजीव रंजन पाण्डेय एवं मनोरंजन महतो का योगदान सराहनीय रहा।





