धान की फसल में लगी शोषक बीमारी, किसान चिंतित
Patamda: पर्याप्त मात्रा से भी अधिक बारिश होने से इस साल पटमदा प्रखंड के किसानों ने इस साल करीब 85 प्रतिशत जमीन धान की खेती की है। लगातार बारिश से जहां धान की फसल लहलहा रही है वहीं अत्यधिक बारिश से धान की फसल शोषक नामक (धसा) एक बीमारी की चपेट में आ गई है। बीमारी के कारण धान के पौधों में पीले पड़ने लगे हैं और धीरे-धीरे सूखने लगे हैं। इस बीमारी से फसलों को बचाने की चिंता किसानों को परेशान करने लगी हैं। इस तरह की समस्या फिलहाल पटमदा प्रखंड के जोड़सा गांव के कई किसानों के खेतों में देखने को मिल रही है।
जोड़सा गांव के किसान नवीन कुंभकार, उमाशंकर कुंभकार व श्याम पद सिंह ने बताया कि इस साल अतिवृष्टि के कारण धान के साथ- साथ सब्जियों की खेती भी प्रभावित होने लगी हैं। यही वजह है कि अब तक क्षेत्र में सब्जियों की आमदनी नहीं हो सकी है। किसानों ने बताया कि धान में अब बाली निकलने वाली है लेकिन उसके पहले ही शोषक बीमारी फसल को नुकसान पहुंचा रही है। क्षेत्र के किसान इस साल बेहतर पैदावार का अनुमान लगा रहे थे। जानकारों के मुताबिक अभी दिन में धूप और रात में ओस की जरुरत है लेकिन मिल नहीं रही है। जिससे पौधों में कीड़े की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कई किसानों ने तो कीड़ों को मारने के लिए दवाई का छिड़काव भी किया है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इस तरह की समस्या बिरखाम, तुंगबुरु, झुंझका, लच्छीपुर समेत अन्य गांवों में भी देखने को मिल रही है। पटमदा के प्रखंड कृषि पदाधिकारी देव कुमार ने बताया कि इस संबंध में अभी तक कहीं से कोई सूचना नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि समस्या की जानकारी मिलने पर खेतों में मुआयना करते हुए उचित दवाई का छिड़काव करने का सुझाव दिया जाएगा।





