पिछले अनुभवों से उपजा अविश्वास, आश्वासन पर नहीं मान रहे थे ग्रामीण
Patamda: बुधवार को पटमदा के बामनी में सड़क जाम स्थल पर पहुंचे सैकड़ों ग्रामीणों को समझाने में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। जाम हटाने में सबसे बड़ी बाधा लोगों का प्रशासनिक आश्वासनों पर भरोसा न होना था, जिसकी वजह उनके पूर्व के कड़वे अनुभव रहे हैं। समाजसेवी जीतूलाल मुर्मू ने बताया कि कुछ महीने पहले पटमदा के जलडहर में हाइवा की चपेट में आकर गाड़ीग्राम निवासी एक युवक की मौत हो गई थी। उस समय भी परिजनों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन की मौजूदगी में समझौता हुआ था, लेकिन सहमति बनने के बावजूद पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि उस घटना के दौरान भी घंटों सड़क जाम रहा था और प्रशासन ने मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में वाहन मालिक ने वादाखिलाफी की। यहां तक कि 50 हजार रुपये का दिया गया चेक भी बाउंस हो गया, जिसकी राशि आज तक पीड़ित परिवार को नहीं मिल सकी।
इसी पुराने अनुभव के कारण इस बार ग्रामीण किसी भी आश्वासन पर आसानी से भरोसा करने को तैयार नहीं थे। हालांकि मौके पर मौजूद थाना प्रभारी ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस बार ऐसी स्थिति नहीं होने दी जाएगी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए ठोस कार्रवाई की जाएगी।
फोटो कैप्शन: पिछले अक्टूबर 2025 में पटमदा के जलडहर में हाइवा से एक बाइक सवार युवक को कुचलने के बाद विरोध में सड़क जाम करते लोग (फाइल फोटो)






























