दोस्त, पिता और रास्ते तीनों सही मिल जाएं, तो जिंदगी आसान हो जाती है : बीडीओ
बाल संदेश यात्रा को बीडीओ ने दिखाई हरी झंडी, एक माह तक चलेगा जागरूकता अभियान
Patamda: राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी मुहिम “बाल विवाह मुक्त झारखंड” एवं “बाल श्रम मुक्त झारखंड” को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन पूर्वी सिंहभूम (जिला बाल संरक्षण इकाई) के मार्गदर्शन में बाल कल्याण संघ एवं मिरेकल फाउंडेशन इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को पटमदा प्रखंड कार्यालय परिसर से एक माह तक चलने वाले जागरूकता अभियान “बाल संदेश यात्रा” का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बीडीओ सह सीओ डॉ. राजेंद्र कुमार दास ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना कर किया।
इस मौके पर बाल कल्याण संघ के कार्यक्रम समन्वयक ओम प्रकाश तिवारी ने बताया कि यह अभियान 12 मई से 12 जून तक चलाया जाएगा। अभियान के तहत गांव-गांव जाकर बैनर, पोस्टर, पंपलेट, नुक्कड़ नाटक एवं दीवार लेखन के माध्यम से लोगों को बाल श्रम, बाल मजदूरी, स्कूल ड्रॉपआउट, बाल विवाह तथा बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को शिक्षा से जोड़ना और समाज से बाल श्रम जैसी कुरीतियों को समाप्त करना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बीडीओ डॉ. राजेंद्र कुमार दास ने बाल कल्याण संघ की पहल की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार झारखंड को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने आसपास होने वाली सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक होकर आवाज उठाए, तो बाल विवाह एवं बाल श्रम जैसी समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि “दोस्त, पिता और रास्ते तीनों सही मिल जाएं, तो जिंदगी आसान हो जाती है। दोस्त हौसला देता है, पिता दिशा दिखाते हैं और सही रास्ता मंज़िल तक पहुंचता है।” समाजसेवी विश्वनाथ महतो ने कहा कि बच्चों को सही मार्गदर्शन, बेहतर शिक्षा और सकारात्मक वातावरण मिलना अत्यंत आवश्यक है। तभी समाज का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बन सकेगा। उन्होंने बच्चों से अपील की कि वे अपने गांव के ऐसे बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का प्रयास करें, जो किसी कारणवश पढ़ाई से दूर हैं।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों एवं ग्रामीणों ने बाल श्रम उन्मूलन और शिक्षा के समर्थन में जोरदार नारे लगाए। इस अवसर पर विभिन्न पंचायतों के मुखिया, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे उपस्थित थे।




