डिमना नाला में अवैध निर्माण से खतरे में लोग, डैम के चार फाटक खोले, घरों से टकराया पानी

Jamshedpur : भारी बारिश के बाद रविवार की शाम डिमना डैम के चार फाटक खोले जाने के बाद ऐसा नाले पर पानी का बहाव तेज होने से बालीगुमा सूखना बस्ती एवं खड़ियाबस्ती समेत कई जगहों के लोग चिंतित हैं। क्योंकि उनके घरों पर खतरा उत्पन्न हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता दीपक रंजीत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिमना डैम का फाटक खुलते ही जिस तरह नाले में बने मकानों की दीवारों से पानी टकरा रहा, वह केवल एक प्राकृतिक घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर चेतावनी है। पानी की सीधी मार इन घरों की असुरक्षित स्थिति को उजागर करती है।
अगर ये मकान धंसते हैं तो सरकार पर दोषारोपण होना तय है। लेकिन असली सवाल यह है कि जिम्मेदारी किसकी है? डिमना नाले की जमीन पर वर्षों पहले से बनाए जा रहे कुछ मकानों को मानगो नगर निगम द्वारा सील भी किया गया था। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहा और आज ये मकान न केवल नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बन चुके हैं, बल्कि विकास कार्यों में भी बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। फिलहाल, डिमना नाले पर एक पुल निर्माण का कार्य जारी है, लेकिन सामने बने इन अवैध घरों के कारण निर्माण अधर में लटका हुआ है। प्रशासन को चाहिए कि समय रहते ऐसे संवेदनशील इलाकों में बने अवैध या असुरक्षित घरों की स्पष्ट पहचान कर कार्रवाई सुनिश्चित करे। बालीगुमा सूखना बस्ती के लोग अक्सर इस मुद्दे को लेकर आवाज उठाते रहे हैं लेकिन प्रशासन मौन है।





