पटमदा बाजार में सरहुल पर्व की धूम, पारंपरिक नृत्य पर झूमे लोग
Patamda: प्रकृति और आदिवासी संस्कृति के प्रतीक पर्व सरहुल का आयोजन मंगलवार को पटमदा बाजार में पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी क्षेत्र के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर प्रकृति के प्रति आस्था व्यक्त की और सुख-समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम की शुरुआत जाहेरथान में विधिवत पूजा-अर्चना से हुई। पुजारी विजय कुमार सिंह ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूजा संपन्न कर क्षेत्र के लोगों की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मत्था टेककर प्रकृति देवता का आशीर्वाद लिया और परंपरा के अनुसार बलि भी अर्पित की गई। पूजा कार्यक्रम में गोपाल सिंह, साधन सिंह, मनोज सिंह, नगेन सिंह, चंद्रशेखर सिंह, प्रकाश माहली, भरत माहली, लालू सिंह, दीपक माहली, राजेश सिंह, पुष्टम सिंह, पूर्ण सिंह, नरेंद्र सिंह और धनंजय सिंह सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। वहीं पटमदा के विधायक प्रतिनिधि चंद्रशेखर टुडू व मुखिया परमेश्वर सिंह ने भी जाहेरथान में मत्था टेककर क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
पूजा के बाद आयोजित सरहुल नृत्य कार्यक्रम ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के झिलीमिली से आई कलाकारों की टीम ने पारंपरिक वेशभूषा में मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की धुन पर कलाकारों की प्रस्तुति ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और कई लोग भी इस नृत्य में शामिल होकर थिरकने लगे।





