आदिवासी उच्च विद्यालय बोड़ाम में अस्थायी रूप से डिग्री कॉलेज संचालन की मांग, जनप्रतिनिधियों व बुद्धिजीवियों ने की बैठक
Patamda: बोड़ाम प्रखंड के जिलिंगडूंगरी में निर्माणाधीन सरकारी डिग्री कॉलेज के कार्य पूरा होने तक अस्थायी रूप से कक्षाएं संचालन को लेकर रविवार को आदिवासी उच्च विद्यालय बोड़ाम परिसर में जिला पार्षद गीतांजलि महतो की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में कॉलेज भवन के निर्माण कार्य पूर्ण होने तक उसके संचालन की व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि जब तक डिग्री कॉलेज का स्थायी भवन तैयार नहीं हो जाता, तब तक आदिवासी उच्च विद्यालय बोड़ाम में अस्थायी रूप से कॉलेज का संचालन किया जाए। इस संबंध में बोड़ाम पंचायत की मुखिया रूपा सिंह सरदार ने बताया कि गत 5 जून को प्रकाशित समाचार के अनुसार सिंडिकेट की बैठक में निर्णय लिया गया था कि कॉलेज भवन निर्माण पूरा होने तक किसी सरकारी भवन में डिग्री कॉलेज संचालित किया जाएगा, जिसके लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि इसी उद्देश्य से क्षेत्र के बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने बैठक कर इस विषय पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। शिक्षाविदों का मत था कि जिस प्रखंड में डिग्री कॉलेज का निर्माण हो रहा है, उसी प्रखंड के अंतर्गत स्थित सभी आवश्यक संसाधनों और सुविधाओं से सुसज्जित आदिवासी उच्च विद्यालय बोड़ाम में ही अस्थायी संचालन किया जाना चाहिए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि बोड़ाम एक पिछड़ा एवं आदिवासी बहुल क्षेत्र है। यहां डिग्री कॉलेज संचालित होने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा उन्हें दूर-दराज के क्षेत्रों में जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। इससे कॉलेज स्थापना का मूल उद्देश्य भी पूरा होगा और क्षेत्र के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य उज्ज्वल बनेगा।
बैठक में जिला पार्षद गीतांजलि महतो, मुखिया रूपा सिंह सरदार, प्रमथ नाथ मंडल, आदित्य महतो, काशीनाथ महतो, माणिक चंद्र महतो, गणेश चंद्र महतो, वनमाली बनर्जी, चित्तरंजन महतो सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।



