पेट्रोल संकट के बीच कालाबाजारी की आशंका पर पटमदा में प्रशासन ने किया पंपों का निरीक्षण
Patamda : देशभर में पेट्रोल-डीजल आपूर्ति को लेकर बनी अस्थिर स्थिति का असर अब ग्रामीण इलाकों में भी साफ दिखने लगा है। पटमदा प्रखंड में पिछले तीन दिनों से पेट्रोल की किल्लत के बीच कुछ दुकानदारों ने आपदा को कमाई का जरिया बना लिया है। ऐसी सूचना है कि क्षेत्र के कई चौक-चौराहों पर बोतल और जार में पेट्रोल खुलेआम 120 रुपये से लेकर 200 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है।
इधर, कालाबाजारी की आशंका पर शुक्रवार को अंचलाधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार दास के निर्देश पर अंचल निरीक्षक अजय कुमार मुंडा के नेतृत्व में चौकीदारों ने क्षेत्र के पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई जगहों पर लंबी कतारें दिखी। कई पंपों पर सीमित मात्रा में ही पेट्रोल दिया जा रहा है। कहीं बाइक चालकों को 100 से 200 रुपये तक और कार चालकों को 500 रुपये तक का ही पेट्रोल उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके बावजूद लोगों को घंटों लाइन में लगने के बाद भी कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। जलडहर पेट्रोल पंप में दोपहर करीब 2 बजे स्टॉक खत्म होने की वजह से बाइक पर कार चालक लौटाए जा रहे थे।वर्तमान में शादी-विवाह का मौसम होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन बढ़ गया है। ऐसे में पेट्रोल की जरूरत अधिक होने से लोग मजबूरी में महंगे दामों पर खुले में बिक रहा पेट्रोल खरीद रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जरूरत के समय थोड़ी अधिक कीमत देना समझ में आता है, क्योंकि इससे समय बचता है और पंप से लाकर खुले में बेचने पर कुछ नुकसान भी होता है। लेकिन 150 से 200 रुपये तक वसूली करना सीधी कालाबाजारी है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पेट्रोल पंपों पर खुद सीमित वितरण की व्यवस्था लागू है, तब जार और बोतल में बेचने वालों तक इतनी मात्रा में पेट्रोल आखिर पहुंच कैसे रहा है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से यह दावा किया गया है कि जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई चेन सामान्य बनाए रखने के प्रयास जारी हैं। बावजूद इसके ग्रामीण इलाकों में संकट और अफरातफरी की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से छापेमारी अभियान चलाकर अधिक कीमत पर पेट्रोल बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। निरीक्षण के पश्चात अंचलाधिकारी ने बताया कि पटमदा में डीजल पेट्रोल की स्थिति सामान्य है, निरीक्षण के क्रम में देखा गया कि आम जनता पेट्रोल पंप पर आसानी से पेट्रोल एवं डीजल ले रहे थे।




