दुस्साहस: लकड़ी माफिया ने दी सोमाडीह के 5 लोगों को जान से मारने की धमकी, विरोध में ग्रामीणों ने की बैठक

Patamda: दलमा के जंगल से हो रही साल पेड़ों की तस्करी के खिलाफ आवाज उठाना ग्रामीणों को महंगा साबित होने लगा है। अवैध कारोबार से जुड़े लोगों द्वारा बोड़ाम थाना क्षेत्र के सोमाडीह गांव निवासी 5 लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई है। इस घटना के विरोध में रविवार को सोमाडीह में ईमली पेड़ के नीचे ग्राम प्रधान अधर सिंह की अध्यक्षता में ग्राम सभा की एक बैठक संपन्न हुई। इसमें ग्रामीणों ने ग्राम सभा सबसे ऊंची है, जल जंगल जमीन हमारा है आदि के नारे बुलंद किए।
बैठक में दलमा आंचलिक सुरक्षा समिति के अध्यक्ष जलन मार्डी ने कहा कि जिस तरह हमलोग तीर धनुष से माओवादियों का सेंदरा करके इस क्षेत्र में शांति स्थापित करने में सफल हुए हैं। ठीक उसी तरह जंगल की रक्षा के लिए एक बार फिर तीर धनुष उठाने की जरूरत है।

महासचिव रामकृष्ण महतो ने कहा कि 1985 में वन सुरक्षा समिति का गठन करते हुए इस जंगल को हम ग्रामीणों ने बचाया। कोयरा, सोमाडीह, झिंझिरगोड़ा के लोगों की कड़ी मेहनत और संघर्ष की बदौलत 4 फीट गोलाई वाले साल के पेड़ आज जंगल में दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि जंगल को बचाने के लिए ही कुईयानी, बाघरा व झिंझिरगोड़ा निवासी अपने लोगों को जेल भेजने का भी काम किया गया था। इसलिए आज तक जंगल सुरक्षित हैं और जब से सरकार ने यहां वन विभाग के कर्मचारियों की नियुक्ति की है, जंगल को बचाने के बजाय उसे खत्म किया जा रहा है। महतो ने आरोप लगाया कि वन विभाग की मिलीभगत से ही लकड़ी माफिया क्षेत्र में बेखौफ होकर लकड़ी की तस्करी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह बेहद ही दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि शुक्रवार को तस्करी के लिए ले जाने के दौरान जिन ग्रामीणों ने ट्रैक्टर को पकड़ा था, उन्हें अब जान से मारने की धमकी दी जा रही है।

भोला कर्मकार ने कहा कि चामटा निवासी एक लकड़ी माफिया ने उसे दूरभाष पर शनिवार को कहा कि तुमने सीताराम सिंह, मिठू सिंह, बाबलू कर्मकार व कल्याण सिंह के साथ मिलकर लकड़ी से लदा ट्रैक्टर को पकड़कर हमें नुकसान पहुंचाया है, अगर मुझे जेल जाना पड़े तो तुम पांचों का मर्डर करने के बाद ही जेल जाएंगे। भोला के मुताबिक उस धमकी के बाद से उसका पूरा परिवार भयभीत है और उन लोगों को घर से निकलने भी नहीं दे रहे हैं।बैठक को काजल सिंह, प्रफुल्ल सिंह, अधर सिंह व अन्य ग्रामीणों ने भी संबोधित किया।
इस दौरान निर्णय हुआ कि लकड़ी माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करते हुए जेल भेजने एवं इस कारोबार में शामिल वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों को निलंबित करने की मांग को लेकर जल्द ही ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल मंत्री से मिलेंगे। बैठक सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे।
इको विकास समिति के अध्यक्ष पर जंगल का पेड़ काटकर बेचने का है आरोप
रविवार को सोमाडीह में आयोजित बैठक के बाद रामकृष्ण महतो ने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि कोयरा इको विकास समिति के अध्यक्ष मंगल सिंह ही जंगल की कीमती लकड़ियों को सबर समुदाय के भोले भाले लोगों से कटवाकर माफिया को बेच रहे हैं। उन्होंने दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि 2014 में साल पेड़ को काटकर बेचने के आरोप में वन विभाग की ओर से मंगल सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी और वह मामला अब भी न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद वन विभाग द्वारा उसे अध्यक्ष पद से नहीं हटाना समझ से परे है।





