झारखंड मजदूर यूनियन का दो दिवसीय विशाल सम्मेलन 1 मई से, पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां के नेतृत्व में मजदूर हितों पर होगा मंथन
Jamshedpur : अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर 1 मई 2026 को झारखंड मजदूर यूनियन द्वारा एक दिवसीय विशाल मजदूर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम भुईयांडीह स्थित निर्मल नगर के अतिथि भवन में सुबह 10 बजे से शुरू होकर संध्या तक चलेगा। इसके साथ ही 2 मई को आमसभा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा, जबकि मजदूर दिवस की रात भव्य छऊ नृत्य कार्यक्रम आयोजित होगा।
यूनियन के पदाधिकारी कुंज विभर ने बताया कि इस सम्मेलन का उद्देश्य मजदूरों के अधिकारों की रक्षा, उनके सामने आ रही वर्तमान चुनौतियों पर गंभीर विचार-विमर्श तथा भविष्य की रणनीति तैयार करना है। कार्यक्रम में झारखण्ड मजदूर यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष एवं झारखण्ड के पूर्व मंत्री दुलाल भुईयां के नेतृत्व में मजदूरों के हक-अधिकार के लिए संघर्ष को और मजबूत करने का संकल्प लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तेजी से बढ़ते मशीनीकरण और बदलती औद्योगिक नीतियों के कारण श्रमिकों के रोजगार पर संकट गहराता जा रहा है। नई तकनीकों के उपयोग के नाम पर बड़ी संख्या में मजदूरों को काम से वंचित किया जा रहा है, जिससे विशेष रूप से दलित, आदिवासी, मूलवासी एवं पिछड़ा वर्ग के श्रमिक प्रभावित हो रहे हैं। झारखंड में बढ़ती बेरोजगारी और पलायन की समस्या भी इसी का परिणाम है।
यूनियन ने कहा कि मजदूर और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं, लेकिन आज मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है। मजदूरों के शोषण के कारण उनके परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और उनके बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में मजदूरों की एकजुटता और उनके अधिकारों के लिए संगठित संघर्ष की आवश्यकता है। सम्मेलन में मजदूरों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यूनियन की प्रमुख मांगों में समान काम के लिए समान वेतन, स्थायी प्रकृति के कार्य करने वाले मजदूरों को स्थायी नियुक्ति, वर्षों से कार्यरत सफाई कर्मियों को नियमित करना, आश्रितों को नौकरी में प्राथमिकता देना, तथा बकाया वेतन, पीएफ, ईएसआई, बोनस और ओवरटाइम का भुगतान सुनिश्चित करना शामिल है। इसके अलावा टाटा समूह की कंपनियों में कार्यरत मजदूरों से जुड़े कई मुद्दे भी उठाए जाएंगे। यूनियन ने मांग की है कि आउटसोर्सिंग के माध्यम से कराए जा रहे स्थायी प्रकृति के कार्यों को समाप्त कर मजदूरों को सीधे कंपनी में नियुक्त किया जाए। साथ ही कान्वाई चालकों के बकाया भुगतान, दुर्घटना में मृत्यु या घायल होने पर उचित मुआवजा और उनके परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई जाएगी। डम्प मजदूरों एवं आयरन स्लैग पिकर्स की स्थिति पर भी सम्मेलन में विशेष चर्चा होगी। यूनियन ने आरोप लगाया है कि हजारों डम्प मजदूर आज भुखमरी के कगार पर हैं और उनके पुनर्वास के लिए सरकार द्वारा ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसके लिए राज्य सरकार से आर्थिक सहायता देने और उनकी आजीविका सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
यूनियन ने जमशेदपुर शहरी क्षेत्र में आधुनिक ईएसआई अस्पताल निर्माण, गरीब मजदूरों को आवासीय अधिकार देने तथा वर्षों से बस्तियों में रह रहे लोगों को मालिकाना हक प्रदान करने की भी मांग उठाई है। इसके साथ ही बंद पड़ी खदानों को पुनः चालू कर स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने और खनन क्षेत्र में हो रही अवैध गतिविधियों की जांच की भी मांग की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान मजदूर कार्ड/प्रतिनिधि कार्ड का वितरण किया जाएगा, जिससे मजदूरों को विभिन्न योजनाओं का लाभ मिल सके। यूनियन ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना और आयुष्मान भारत योजना जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी मजदूरों तक पहुंचाने की बात कही है। यूनियन ने सभी मजदूरों, ट्रेड यूनियनों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होकर मजदूर एकता को मजबूत करें और अपने अधिकारों की लड़ाई को नई दिशा दें।






























