मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं रानी झरना के आदिम जनजाति परिवार
गोबरघुसी पंचायत के रानीझरना गांव स्थित सबर परिवार के लोग अपनी व्यथा सुनाते हुए
Patamda : पटमदा प्रखंड की गोबरघुसी पंचायत के रानी झरना में रहने वाले आदिम जनजाति समुदाय के 9 सबर परिवार आज भी सरकार की मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। दलमा के बीहड़ जंगल में रहने वाले इन परिवारों के लिए दलमा से निकलने वाली प्राकृतिक रानी झरना में पुलिया का निर्माण नहीं कराए जाने से बारिश के दिनों में पानी के तेज बहाव के कारण इनका संपर्क पूरी तरह से कट जाता है। गांव से दो किलोमीटर दूर लड़ाईडूंगरी स्कूल आना जाना बच्चों का बंद हो जाता है। इस दो किलोमीटर के दायरे में सड़क तक की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इंटरनेट के इस युग में भी ये सबर परिवार आदि काल की तरह सड़क, पुलिया व आवास योजना से दूर जंगल में ही रहने को मजबूर हैं।
गांव में कार्तिक सबर, नेपाल सबर, बलराम सबर, मंगल सबर व पिंटू सबर आज भी आवास व शौचालय की सुविधा से वंचित हैं। इन आदिम जनजाति परिवारों का जंगल ही पाठशाला है। सूखी लकड़ी, पत्ते एवं फल- फूल बेचकर परिवार का भरण पोषण करते हैं। इस संबंध में पटमदा के विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू ने बताया कि रानी झरना में मुख्यमंत्री सेतु योजना के तहत पुलिया निर्माण के लिए विधायक की ओर से प्रस्ताव भेजा गया है जो बहुत जल्द स्वीकृत होने वाली है। उन्होंने बताया कि उन परिवारों को अन्य सुविधाओं का लाभ भी दिलाने का प्रयास किया जाएगा।





