सुख-समृद्धि की कामना के साथ लोवाडीह में हुई सरहुल पूजा, परंपरा और आस्था का दिखा संगम
Patamda: पटमदा प्रखंड के लोवाडीह गांव में गुरुवार को कई गांवों के ग्रामीणों ने गांव की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना के साथ पारंपरिक सरहुल पूजा बड़े श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न की। इस दौरान गांव के धार्मिक स्थलों दिघी ठाकुरानी मंदिर और जाहेरथान में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। दिघी ठाकुरानी स्थल पर लाया पहाड़ सिंह और निमाई सिंह ने पूजा संपन्न कराई, वहीं जाहेरथान में लाया भुषण महतो और सुभाष महतो ने अनुष्ठान का नेतृत्व किया।
पूजा में ओमप्रकाश महतो, दीपक महतो, जलधर महतो, हलधर सिंह, संदीप महतो, दुलाल सिंह, बृहस्पति महतो, फटीक महतो, उज्ज्वल महतो समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के तहत मुर्गा, बत्तख, कबूतर, बकरी और भेड़ की बलि देकर गांव की मंगल कामना की। गांव के युवा दीपक महतो ने बताया कि सरहुल पूजा के अवसर पर सभी ग्रामीण दोनों स्थलों पर जाकर पूजा करते हैं और सामूहिक रूप से अनुष्ठान में भाग लेते हैं। उन्होंने बताया कि गांव की सोलहआना कमिटी द्वारा गांव की खुशहाली के लिए बकरी और भेड़ की बलि दी जाती है, जिसके बाद मांस को सभी ग्रामीणों में समान रूप से बांटा जाता है। यह परंपरा गांव में आपसी भाईचारे और एकता को मजबूत करती है। सरहुल पूजा के दौरान श्रद्धालु मिट्टी के हाथी और घोड़े चढ़ाकर मन्नत मांगते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु ‘दांडी’ अर्पित कर अपनी आस्था व्यक्त करते हैं। पूरे आयोजन में पारंपरिक संस्कृति, आस्था और सामूहिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला।






























