शिव आराधना के साथ लावजोड़ा में तीन दिवसीय चड़क मेला शुरू, गुरुवार को भी बंद रहेगा हाथीखेदा मंदिर
Patamda: बोड़ाम प्रखंड के लावजोड़ा स्थित प्रसिद्ध चड़क मेला बुधवार को भगवान शिव की आराधना के साथ विधिवत शुरू हो गया। हर वर्ष बांग्ला पंचांग के अनुसार 15 वैशाख को आयोजित होने वाला यह मेला क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। पहले दिन शाम को जांगाल, शिव पूजा और जागरण के साथ पारंपरिक छऊ नृत्य का आयोजन हुआ, जिसने माहौल को भक्तिमय बना दिया। दूसरे दिन चड़क मेला के अवसर पर दिन में भोक्ता घूरा और रात में छऊ नृत्य का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। तीसरे दिन तेल-हल्दिया की रस्म के साथ मेले का समापन होगा। मेले के तीसरे दिन शुक्रवार को हाथीखेदा मंदिर में दो दिनों की बंदी के बाद पूजा-अर्चना फिर से शुरू होगी। मंदिर में भेड़ की बलि की परंपरा निभाने के बाद शिव मंदिर के पास बकरे की बलि दी जाएगी, जिसका प्रसाद पूरे गांव में बांटा जाएगा।
पूर्व जिला पार्षद सह मेला कमेटी सदस्य स्वपन कुमार महतो ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी हाथीखेदा मंदिर में दो दिन पूजा बंद रखी गई है। जानकारी के अभाव में बुधवार को कई श्रद्धालुओं को लौटना पड़ा, जबकि गुरुवार को भी मंदिर बंद रहेगा। शुक्रवार को तेल-हल्दिया कार्यक्रम के साथ पूजा फिर से शुरू होगी और मन्नत पूरी होने पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु बलि अर्पित करेंगे। उन्होंने बताया कि चड़क मेला में कोल्हान प्रमंडल के अलावा पश्चिम बंगाल से भी हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। भीषण गर्मी के बावजूद लोग उत्साह के साथ मेले में शामिल होते हैं। हालांकि बुधवार को हुई जोरदार बारिश से मौसम सुहावना हो गया है, जिससे इस वर्ष मेले में भीड़ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।






























