एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन में आत्मरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम, छात्राओं को मिला सशक्तीकरण का संदेश
Jamshedpur: एमबीएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन, आसनबनी के महिला सशक्तीकरण सेल द्वारा एक दिवसीय आत्मरक्षा जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं एवं विद्यार्थियों को आत्मरक्षा के प्रति जागरूक बनाते हुए उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त करना तथा आपात परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान की निदेशिका अनुपा सिंह एवं संकाय सदस्यों की उपस्थिति में दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्राचार्य एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों ने कहा कि वर्तमान समय में आत्मरक्षा का ज्ञान प्रत्येक छात्र-छात्रा के लिए अनिवार्य हो गया है। उन्होंने इस तरह के कार्यक्रमों को विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने में महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण प्रख्यात आत्मरक्षा विशेषज्ञ एवं झारखंड सेल्फ डिफेंस एसोसिएशन के महासचिव मास्टर सुनील कुमार प्रसाद रहे, जिन्होंने बतौर रिसोर्स पर्सन विद्यार्थियों को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने सरल तरीकों से बताया कि आपात स्थिति में किस प्रकार सतर्कता और सूझबूझ के साथ स्वयं की रक्षा की जा सकती है।अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक शक्ति का विषय नहीं, बल्कि मानसिक सजगता और आत्मविश्वास का भी हिस्सा है। नियमित अभ्यास और सतर्कता से किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति का सामना किया जा सकता है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान विद्यार्थियों को पकड़ से छूटने के तरीके, अचानक हमले से बचाव, संतुलन बनाए रखने के उपाय तथा आसपास उपलब्ध संसाधनों का उपयोग कर सुरक्षा करने की तकनीकें सिखाई गईं। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए इसे अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। अनुपा सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महिला सशक्तीकरण केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक निरंतर प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की महत्वपूर्ण भूमिका है। इस प्रकार के कार्यक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सशक्त कदम हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा रिसोर्स पर्सन को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम ने न केवल आत्मरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई, बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, साहस और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूत किया।




