दलमा शक्ति पीठ पर वार्षिक आषाढ़ी पूजा संपन्न, अच्छी फसल की मांगी गई कामना
Patamda : आषाढ़ माह के पावन अवसर पर शुक्रवार को बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक दलमा शक्ति पीठ बूढ़ा बाबा शिव मंदिर में वार्षिक आषाढ़ी पूजा-अर्चना आदिवासी परंपरा के साथ श्रद्धापूर्वक संपन्न हुई। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने बूढ़ा बाबा एवं मां दलमा की आराधना कर क्षेत्र में खुशहाली, भरपूर फसल, अच्छी वर्षा तथा रोग-दोष से मुक्ति की कामना की। पूजा का नेतृत्व पुजारी दीनबंधु सिंह एवं कार्तिक सिंह ने किया। सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। पूजा के दौरान प्रकृति के पांच प्रमुख तत्व—पहाड़, जल, जंगल, जमीन और पशु की आराधना कर प्रकृति संरक्षण एवं समृद्धि का संदेश दिया गया। पूजा के दौरान श्रद्धालुओं ने मां दलमा से प्रार्थना की—”हे मां दलमा, बीज को अंकुर दे, अंकुर को बाल दे, बाल को दाना दे और पूरे क्षेत्र का खलिहान भर दे, ताकि कोई बच्चा भूखा न सोए।” यह प्रार्थना क्षेत्र की कृषि समृद्धि और जनकल्याण की सामूहिक भावना का प्रतीक रही।
परंपरा के अनुसार पूजा के दौरान बकरे की बलि भी दी गई। स्थानीय मान्यता है कि आषाढ़ी पूजा के बाद ही क्षेत्र में धान की रोपनी की शुरुआत की जाती है। इस अवसर पर आदिवासी भूमिज मुंडा चुआड़ सेना के सदस्य पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में शामिल हुए। सैकड़ों युवाओं ने दलमा शक्ति पीठ की परिक्रमा कर जल, जंगल, जमीन और जाहेर थान की रक्षा हमारा धर्म है का सामूहिक संकल्प लिया। चुआड़ सेना के उपाध्यक्ष निर्मल सरदार ने कहा कि दलमा उनके पूर्वजों की आस्था का केंद्र है। उन्होंने कहा, हमारे पुरखों ने दलमा को देवस्थल माना है। आज सरकार इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित कर रही है, लेकिन दलमा पहले शक्ति पीठ है, पिकनिक स्पॉट बाद में। यहां पूजा-स्थल पर गंदगी, शराब और डीजे जैसी गतिविधियां किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।
पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी भोग का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में चुआड़ सेना के उपाध्यक्ष निर्मल सरदार, सचिव सागर सरदार, सहसचिव रामू सरदार, दलमा बूढ़ा बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष सुचांद सिंह, कोषाध्यक्ष माणिक सरदार, महानंद सरदार, कांचन सिंह, नाया बुढ़ी मेनका सरदार, आनंद सिंह, शिवचरण सिंह सहित आसपास के 84 मौजा के गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




