पुलिस-पब्लिक संवाद से मजबूत होगी सामाजिक सुरक्षा, पटमदा थाना में हुई अहम बैठक
Patamda: थाना प्रभारी विष्णुचरण भोगता की पहल पर बुधवार को पटमदा थाना परिसर में पुलिस-पब्लिक रिलेशन रिफॉर्म मीटिंग आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर समन्वय, जनसंपर्क में सुधार तथा मधुर संबंध स्थापित करना था। बैठक में विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू, जिला पार्षद खगेन चंद्र महतो, उप प्रमुख प्रतिनिधि विश्वनाथ माझी, ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष बृंदावन दास, सचिव मृत्युंजय महतो, सुधीर चंद्र माझी, मदन मोहन महतो, संदीप कुमार मिश्रा, शंभू दास, लगमणि टुडू, खगेंद्र नाथ सिंह, कानूराम बेसरा, परमेश्वर सिंह एवं झामुमो नेता सुभाष कर्मकार सहित क्षेत्र के 100 से अधिक जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए।
मौके पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू ने कहा कि राज्य में पेसा कानून लागू होने के बाद गांवों के विकास में ग्राम प्रधानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने थाना प्रभारी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन से पुलिस और आम जनता के बीच आपसी विश्वास एवं संबंध मजबूत होंगे, जिसका सीधा लाभ क्षेत्र की जनता को मिलेगा।
जिला पार्षद खगेन चंद्र महतो ने कहा कि सड़क सुरक्षा के मद्देनजर हेलमेट का उपयोग और ड्राइविंग लाइसेंस होना अत्यंत आवश्यक है। इसके लिए गांव-गांव में जागरूकता फैलाने की जरूरत है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली असामयिक मौतों को रोका जा सके।
ग्राम प्रधान शंभू दास ने कहा कि क्षेत्र में बाहरी लोग आकर धर्म परिवर्तन कराने का प्रयास कर रहे हैं, जिस पर रोक लगाने के लिए सभी को एकजुट होकर आगे आने की आवश्यकता है। उन्होंने बंगाल पुलिस द्वारा बॉर्डर क्षेत्र में झारखंड नंबर के वाहनों को रोककर कथित रूप से बेवजह परेशान किए जाने का मुद्दा उठाते हुए कहा कि यदि इस पर रोक नहीं लगी तो थाना क्षेत्रों में बंगाल नंबर के वाहनों की जांच अभियान चलाने की जरूरत पड़ेगी।
फूलचांद महतो ने कहा कि पटमदा बाजार में हब्बा-डब्बा बंद होने के बावजूद अन्य तरीकों से जुआ खेला जा रहा है, जिसे रोकना जरूरी है। वहीं, लगमणि टुडू ने कहा कि बाटालुका एवं आसपास के जंगलों में अवैध शराब की चुलाई लगातार जारी है। मना करने के बावजूद लोग मानते नहीं हैं। उन्होंने कहा कि शराब की वजह से महिलाएं असमय विधवा हो रही हैं। क्षेत्र में सड़कें जर्जर हैं, लोग मजदूरी कर परिवार चलाते हैं और शिक्षा का स्तर भी काफी कम है। मदन मोहन महतो ने कहा कि शांति, सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि लगभग हर गांव में नशे के कारण माहौल अशांत है और पुलिस के सहयोग से ही समस्याओं का समाधान संभव है। खगेंद्र नाथ सिंह ने कहा कि जमशेदपुर के कुछ लोग बाटालुका एवं आसपास के गांवों में शराब भट्ठियां संचालित कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अवैध शराब का कारोबार और उसका सेवन क्षेत्र की शांति एवं विकास में बड़ी बाधा बन चुका है। सुधीर चंद्र माझी ने कहा कि पेसा कानून को सही तरीके से लागू करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि नशापान से खासकर मजदूर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है और लगातार पिछड़ता जा रहा है। सामूहिक प्रयास से ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव है। उन्होंने बाल विवाह, नशापान एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों को दूर करने के लिए पुलिस सहयोग को जरूरी बताया।
जीतूलाल मुर्मू ने कार्यक्रम पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल आने वाले दिनों में बेहतर परिणाम दे सकती है। हालांकि उन्होंने चिंता जताई कि क्या सभी लोग ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि नशा समाज के लिए सबसे बड़ी बुराइयों में से एक है, जो विकास में बाधक बनने के साथ चरित्र को भी प्रभावित करता है। नशा केवल अवैध चुलाई शराब से ही नहीं, बल्कि सरकारी दुकानों में बिकने वाली शराब से भी फैल रहा है। उन्होंने कहा कि नशापान रोकना सबसे बड़ी चुनौती है और इसे जागरूकता अभियान एवं सामूहिक प्रयासों से ही कम किया जा सकता है। साथ ही प्रशासन को जनता का विश्वास बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए, ताकि सड़क जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि सड़क जाम की समस्या से निपटने के लिए संबंधित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों को भी जिम्मेदारी निभानी होगी, ताकि बाहरी लोग पहुंचकर माहौल खराब न कर सकें।
इस दौरान डायन प्रथा, बाल विवाह, सड़क जाम, नशापान जैसी सामाजिक समस्याओं को खत्म करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया गया। साथ ही पेसा कानून को सही तरीके से लागू करने, ग्रामीणों के प्रति पुलिस के सकारात्मक व्यवहार, गांवों के छोटे-मोटे विवादों का ग्राम स्तर पर समाधान, जमीन विवादों को प्रखंड प्रशासन के माध्यम से निपटाने तथा अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सख्त अभियान चलाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने पुलिस और जनता के बीच आपसी विश्वास मजबूत करने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सामूहिक प्रयास पर जोर दिया।


