धान रोपने गए थे लोग, इधर दो घरों के ताले तोड़कर अज्ञात ने दिनदहाड़े कर ली 5 लाख की चोरी, दहशत
बोड़ाम थाना में अज्ञात के खिलाफ लिखित शिकायत
Patamda: बोड़ाम थाना क्षेत्र के भूला गांव में छुटुलाल महतो व उनकी बूढ़ी मां बेदनी महतो के घरों के ताले को तोड़कर सोमवार को सुबह करीब 10 से साढ़े 10 बजे के बीच अज्ञात लोगों ने 5 लाख नकद राशि की चोरी कर ली है। इस घटना को तीन अज्ञात लोगों द्वारा अंजाम देने की बात सामने आ रही है। भुक्तभोगी छुटुलाल महतो ने बताया कि उन्होंने अपने घर में 3 साल से धान बेचकर जमा की गई करीब 2 लाख की राशि के अलावा बकरी, भेड़ व सब्जी बेचकर कुल 4 लाख रुपए तीन बक्से के अंदर रखा था। सभी नोट 500 रुपए के थे। जबकि उसकी मां के घर में भेड़, बकरी व बैल बेचकर एवं प्रतिमाह माता पिता को मिलने वाली पेंशन की राशि को मिलाकर करीब 1 लाख रुपए बक्से के अंदर रखा हुआ था।
बताते हैं कि उसकी मां धान रोपनी के लिए खेत गई थी जबकि घर का ताला बंद करके पिता भेड़ चराने गए थे। उसकी पत्नी सुबह में छोटी बेटी को लेकर धान की रोपाई करने गई थी जबकि एक बेटी बकरी चराने एवं दो बेटी स्कूल गई हुई थी। सबसे अंत में वह साढ़े 9 बजे के बाद घर में ताला बंद करके खेत गए थे। छुटुलाल जब करीब 11 बजे घर लौटे तो देखा कि घर का दरवाजा बंद है लेकिन ताला टूटा हुआ है। बगल में झांकने पर पिता के घर का ताला भी टूटा हुआ पाया। दरवाजा खोलकर जब अन्दर घुसे तो तीनों बक्से जमीन पर पड़ा हुआ मिला और नकद राशि गायब। इसके बाद उनके होश उड़ गए और किसी तरह पड़ोसियों को घटना की जानकारी दी। इस दौरान एक पड़ोसी ने बताया कि उनलोगों ने तीन अंजान व्यक्ति को आते हुए देखा था लेकिन सोचा कि शायद कोई रिश्तेदार होगा इसलिए उस पर ध्यान नहीं दिया। तीन अज्ञात लोगों में दो बाहर खड़े थे और एक घर के अंदर गया था।
इधर दोपहर को बोड़ाम थाना पहुंचे छुटुलाल महतो ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तुरंत ही घटनास्थल पर जाकर छानबीन की। देर शाम लिखित शिकायत बोड़ाम थाना में दर्ज कराई गई। इस संबंध में बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि भूला गांव में चोरी की घटना हुई है लेकिन अभी कुछ भी कहना संभव नहीं है, मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि 5 लाख रुपए घर में रखने की बात कुछ हजम नहीं हो रही है। थाना प्रभारी ने भुक्तभोगी छुटुलाल महतो से इस संबंध में भी सवाल किया कि इतनी राशि आखिर उसने घर में क्यों रखा, बैंक में क्यों नहीं जमा कराया ? छुटुलाल का जवाब था कि बैंक में पैसा जमा करने व निकालने में काफी परेशानी होती है इसलिए वह घर में ही रखते थे। इस घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और खेती के इस मौसम में लोग सोचने को मजबूर हैं कि आखिर इस घटना को कैसे और किसने अंजाम दिया।





