उपायुक्त ने पटमदा के धाधकीडीह गांव में पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं से किया संवाद, कहा: अनुदान के भरोसे नहीं, लोन लेकर व्यवसाय को आगे बढ़ाएं

व्यवसायिक गतिविधि बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग का दिया भरोसा
Patamda: जिला उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने गुरुवार को पटमदा के धाधकीडीह गांव पहुंचकर पोल्ट्री मुर्गीपालन व्यवसाय से जुड़ी महिलाओं के साथ संवाद कर उनके व्यवसायिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आप लोगों में अगर इच्छाशक्ति होगी तो आप भी वृहद रूप में इस व्यवसाय को करके अपनी आमदनी बढ़ा सकते हैं। पटमदा ग्रामीण पोल्ट्री स्वावलंबी सहकारी समिति लि. की अध्यक्ष सत्यवती महतो व सदस्य सुशीला किस्कू ने जानकारी दी कि टैगोर सोसाइटी फॉर रूरल डेवलपमेंट पटमदा के सहयोग से 2011 में कॉपरेटिव का गठन करके काम शुरू किया था और वर्तमान में प्रति महिला प्रतिमाह 4 से 6 हजार रुपए तक मुनाफा कमाती हैं। सुशीला ने कहा कि क्षेत्र में कुल 368 महिलाओं में से 300 सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं और मुर्गी पालन करते हुए परिवार की आमदनी बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। लेकिन दर्जनों शेड का एस्बेस्टस टूट जाने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग किया कि शेड की मरम्मत हेतु सरकारी अनुदान मिले जिससे व्यवसाय को आगे बढ़ा सके। उन्होंने बड़े पैमाने पर व्यवसाय करने के लिए भी सभी के लिए अनुदान की मांग की। इस बात पर उपायुक्त ने कहा कि अगर अनुदान की योजना होती तो क्या अब तक आपको नहीं मिल पाती? उपायुक्त ने कहा कि आप लोग अनुदान के भरोसे मत रहें और आगे बढ़ने के लिए योजनाओं का लाभ लें। पशुपालन हेतु एक केसीसी लोन मिलता है जिसमें बिना सूद के उसका सदुपयोग करते हुए अपने व्यवसाय को बढ़ा सकते हैं।

उपायुक्त ने महिलाओं से संवाद के दौरान उनके व्यवसाय की चुनौतियों, संभावनाओं पर चर्चा की। साथ ही आश्वस्त किया कि उनके आर्थिकोपार्जन में वृद्धि हो इसे लेकर जिला प्रशासन द्वारा हर संभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। पोल्ट्री व्यवसाय से जुड़ीं महिलाओं को केसीसी का लाभ दिलाने के लिए एलडीएम को निर्देशित किया कि 28 अगस्त को गांव में बैंक शिविर लगाएं ताकि सभी इच्छुक महिलाएं बैंकिग सेवाओं से जुड़ सकें, ऋण आदि के लिए आवेदन जमा कर सकें । उन्होंने महिलाओं की मांग पर कहा कि आप जगह चिन्हित करें सोलर प्लांट एवं गोदाम (दाना घर) बनाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाये जाएंगे। इसके अलावा जेएसएलपीएस के माध्यम से बिना ब्याज के लोन पर पिकअप वैन दिलाने का भी भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर जर्जर सड़क की मरम्मत, पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने समेत अन्य कई विषयों पर मदद करने का भरोसा दिलाया।
उपायुक्त ने महिला सशक्तिकरण के इस प्रयास की सराहना करते हुए आश्वस्त किया कि पोल्ट्री व्यवसाय को वृहद रूप से संचालित करने में आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग, मार्केट लिंकेज, सप्लाई चेन विकसित करने के लिए जरूरी पहल किए जाएंगे। उन्होने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की अन्य बुनियादी समस्याओं को सूचीबद्ध कर प्रतिवेदन जिला मुख्यालय में समर्पित करें। उन्होने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से अपील किया कि पारंपरिक खेती के अलावे भी आर्थिकोपार्जन के लिए सरकार की कई योजनाओं का लाभ लेते हुए पशुपालन, बागवानी, मत्स्य पालन आदि की योजनाओं का लाभ लें और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करें। मौके पर बीडीओ शशि नीलिमा डुंगडुंग, सीओ डॉ. राजेंद्र कुमार दास, विधायक प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू, टैगोर सोसाइटी के प्रतिनिधि नंदलाल बॉक्सी, रूपाली बॉक्सी, थाना प्रभारी करमपाल भगत समेत अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे। इस संबंध में ग्राम प्रधान सुधीर चंद्र माझी ने कहा कि गांव में कहीं भी सरकारी जमीन नहीं होने की वजह से सोलर प्लांट एवं गोदाम का निर्माण एक चुनौती है क्योंकि जमीन के अभाव में ही अब तक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए भवन का निर्माण नहीं हो पाया है।





