टाटा स्टील के खिलाफ रैयतों व विस्थापितों ने मिर्जाडीह में बनाई रणनीति, उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन 23 सितंबर को
Patamda: पूर्व निर्धारित कार्यक्रमानुसार रविवार को मिर्जाडीह बांध विस्थापित एवं रैयतों की एक संयुक्त बैठक मिर्जाडीह फुटबॉल मैदान में संपन्न हुई। बैठक के दौरान बीते 4 अगस्त को मिर्जाडीह में रैयत के निर्माणाधीन मकान को बिना किसी सरकारी नोटिस या आदेश के मनमाने ढंग से तोड़े जाने की घटना का तीव्र विरोध दर्ज किया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस अन्यायपूर्ण कार्रवाई एवं अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ आगामी 23 सितंबर को उपायुक्त कार्यालय, जमशेदपुर के समक्ष धरना-प्रदर्शन सह विशाल जन आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में टाटा स्टील कंपनी से विस्थापित लोग तथा झारखंड राज्य के विभिन्न विस्थापित आंदोलन से जुड़े नेताओं को आमंत्रित किया जाएगा। दावा है कि मिर्जाडीह बांध विस्थापित एवं रैयत समुदाय से जुड़े प्रत्येक पंचायत और गांवों से हजारों की संख्या में आदिवासी-मूलवासी लोग जुलूस में शामिल होंगे। बैठक के दौरान झारखंड आंदोलनकारी नेता हरमोहन महतो ने कहा कि विस्थापितों के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन और तेज किया जाएगा। सरकार और प्रशासन को अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। यदि न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।
बैठक में मुख्य रुप से झारखंड आंदोलनकारी नेता हरमोहन महतो, जमीन के मालिक राकेश सिंह, शंभू सिंह, नारायण महतो, सोहन सिंह, महेंद्र टुडू, छोटु मुर्मू, सोमाय हांसदा, मंगल हांसदा, मिथुन सोरेन, उत्तम प्रधान, बादल सोरेन, गोरा किस्कू, महेश किस्कू, रवि मुर्मू, संजय टुडू, बुधराम टुडू, मंगल बेसरा, कार्तिक सोरेन, शिवेश्वर सिंह, नरेश महतो, अंकेश भुईयां, गणेश गोप, गुरुचरण मुर्मू, चुनुराम सोरेन, भवतारण महतो, हिप्नोटिज्म किस्कू, लिधू किस्कू, सिताय किस्कू व बाउरी सिंह आदि उपस्थित थे।





