धर्मांतरण की साजिश के खिलाफ पटमदा में जनाक्रोश सभा, हिंदुत्व को बचाने का संकल्प

Patamda : क्षेत्र के ग्रामीणों को दिग्भ्रमित कर धर्म परिवर्तन की साजिश रचने वालों से सतर्क रहने एवं हिंदुत्व को बचाने को लेकर शुक्रवार को पटमदा के आगुईडांगरा स्थित हरि मंदिर प्रांगण में एक जन आक्रोश सभा का आयोजन किया गया। ग्राम प्रधान बाघाम्बर सिंह के आह्वान पर जुटे सैकड़ों लोगों ने एक स्वर में कहा कि गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति को प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा एवं ग्रामीणों को विभिन्न समस्याओं से मुक्ति दिलाने के नाम पर प्रार्थना सभा का आयोजन करने वालों को गांव से खदेड़ा जाएगा। जन आक्रोश सभा में दर्जनों ग्राम प्रधान, मुखिया समेत सैकड़ो लोग शामिल हुए।

मौके पर ग्राम प्रधान शंभू दास ने कहा कि कुछ लोग बाहर से आकर गांव-गांव में घूम कर एजेंट के जरिए ग्रामीणों को यीशु मसीह का संदेश सुनाकर धर्म परिवर्तन का प्रयास कर रहे हैं जो कभी भी सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि ग्रामीणों को दिग्भ्रमित करने वालों को चिन्हित कर गांव के हरि मंदिर में बांध कर रखें और इसकी सूचना पटमदा ग्राम प्रधान संघ को दें। उन्होंने कहा कि हम सनातन धर्म के वंशज हैं और हमें कोई भी दूसरे धर्म में परिवर्तित नहीं कर सकता है। इसके लिए सभी को एकजुट रहने की जरूरत है। ग्राम प्रधान मृत्युंजय महतो व संदीप कुमार मिश्रा ने ग्रामीणों को विदेशी धर्म व बाहरी शक्ति का एकजुट होकर विरोध करने का आह्वान किया।
पंचमुखी हनुमान मंदिर के पुजारी जम्बू वाले बाबाजी ने ग्रामीणों को शिक्षा एवं दीक्षा के महत्व को बताया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले शिक्षा गुरु अपने माता एवं पिता होते हैं। उन्होंने कहा कि हम सनातन धर्म के वंशज है और हमारी संस्कृति व हमारा धर्म से अच्छा कोई दूसरा नहीं हो सकता है। इसकी रक्षा करने के लिए हमें एकजुट और सतर्क रहने की जरूरत है। सभा को मुखिया परमेश्वर सिंह व कृष्णपदो सिंह, भीष्मदेव सिंह, शरत सिंह सरदार, बाघाम्बर सिंह, गिरिजा प्रसाद मिश्रा, रामनाथ सिंह, राखोहरि सिंह व निरंजन रजक आदि ने भी संबोधित किया। मौके पर ग्राम प्रधान दलगोविंद सिंह, चंदन सिंह, संदीप मिश्र, अनिल महतो, विकास महतो, बेलू सिंह, विभूति हांसदा, रोहिण महतो, तिलक सिंह व सुखदेव भुइयां आदि उपस्थित थे।





