फालता उपचुनाव में बीजेपी की बड़ी बढ़त, टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर के हटने से बदला पूरा समीकरण
Kolkata : पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर 21 मई को हुए पुनर्मतदान की मतगणना रविवार सुबह 8 बजे से जारी है। शुरुआती रुझानों और 16 राउंड की गिनती के बाद भाजपा उम्मीदवार ने भारी बढ़त बना ली है, जिससे पार्टी की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भाजपा प्रत्याशी को अब तक 1 लाख 11 हजार 270 वोट मिल चुके हैं। वहीं, सीपीआई (एम) उम्मीदवार 34 हजार 873 वोट के साथ दूसरे स्थान पर हैं। कांग्रेस प्रत्याशी को 9284 वोट मिले हैं। खास बात यह है कि मतदान से ठीक पहले चुनाव मैदान छोड़ने का ऐलान करने वाले टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान को भी अब तक 5319 वोट मिल चुके हैं। दरअसल, पुनर्मतदान से दो दिन पहले टीएमसी प्रत्याशी जहांगीर खान के चुनाव से हटने के फैसले ने फालता का राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल दिया था। हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने इसे उनका व्यक्तिगत निर्णय बताया था। इसके बाद से ही बीजेपी की राह आसान मानी जा रही थी।
शांतिपूर्ण रहा था पुनर्मतदान
21 मई को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक फलता में शांतिपूर्ण तरीके से री-पोलिंग कराई गई थी। शाम 5 बजे तक करीब 86.11 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो 29 अप्रैल को हुए पहले मतदान से थोड़ा कम था।
क्यों कराना पड़ा था पुनर्मतदान?
29 अप्रैल को हुए पहले मतदान के दौरान ईवीएम में इत्र जैसी वस्तु और एडहेसिव टेप लगाए जाने के आरोप लगे थे। शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फलता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान कराने का आदेश दिया था। चुनाव आयोग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। क्षेत्र के 285 मतदान केंद्रों पर 35 कंपनियों के केंद्रीय बल तैनात किए गए थे। मतदान के दौरान कई बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें भी देखने को मिलीं।
बीजेपी के लिए क्यों अहम है फालता सीट?
अगर फालता सीट पर बीजेपी जीत दर्ज करती है तो पश्चिम बंगाल विधानसभा में पार्टी की सीटों की संख्या बढ़कर 207 हो जाएगी। 2026 विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 सीटों पर जीत हासिल की थी। हालांकि, शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव जीता था, बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी थी।

