पीएम–सूर्य घर : मॉडल सोलर विलेज निर्माण को जिला स्तरीय समिति की बैठक, 10 गांव किए गए चिन्हित

जिला परिषद के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष, विकास शाखा के प्रभारी और संबंधित बीडीओ हुए शामिल
अधिकतम गैर परंपरागत ऊर्जा अधिष्ठापन क्षमता के आधार पर किसी एक गांव को घोषित किया जाएगा मॉडल सोलर विलेज
उपायुक्त ने कहा: ग्रामसभा कर चयनित गांवों के ग्रामवासियों को योजना की पूरी जानकारी दें, गांवों के बीच हो स्वस्थ प्रतियोगिता, विजेता गांव को मिलेगी एक करोड़ की नगद राशि
Jamshedpur: पीएम–सूर्य घर : मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत मॉडल सोलर विलेज के निर्माण के लिए जिला स्तरीय समिति की बैठक उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शनिवार को आयोजित हुई। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू, जिप उपाध्यक्ष पंकज, सीईओ–सह जिला परिषद के मुख्य पदाधिकारी नागेन्द्र पासवान, विकास शाखा के प्रभारी पदाधिकारी सुदीप्त राज, तीनों विद्युत प्रमंडलों के कार्यपालक अभियंता, एलडीएम प्रतिनिधि तथा सभी संबंधित प्रखंडों के बीडीओ उपस्थित रहे।
योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार 5000 से अधिक आबादी वाले गांवों अथवा जिले में ऐसे 10 गांवों के नहीं होने पर अधिकतम आबादी वाले गांवों को चिन्हित किया जाना है। इसी क्रम में जिले के 7 प्रखंडों के 10 गांवों का चयन किया गया है, जिनमें मुसाबनी के पारूलिया व धोबनी, धालभूमगढ़ के कोकपाड़ा–नरसिंहगढ़, घाटशिला के बड़ाजुड़ी, पोटका के हाड़तोपा व कालिकापुर, बहरागोड़ा के मानुषमुड़िया, पटमदा के बड़ा बांगुड़दा, बिडरा और बोड़ाम प्रखंड का बोड़ाम गांव शामिल है। इन गांवों में छह माह की चैलेंज अवधि निर्धारित की गई है। इस दौरान पीएम कुसुम तथा अन्य सौर ऊर्जा आधारित योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों का स्थापना/वितरण एवं गांवों के मध्य स्वस्थ प्रतियोगिता को प्रोत्साहित किया जाएगा। छह माह के अंत में जिस गांव में अधिकतम नवीनीकरण ऊर्जा अधिष्ठापन क्षमता होगी, उसे मॉडल सोलर विलेज घोषित किया जाएगा। उक्त विजेता गांव को 01 करोड़ रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
बैठक में उपायुक्त द्वारा विकास शाखा के प्रभारी एवं सभी संबंधित बीडीओ को निर्देशित किया गया कि चयनित सभी गांवों में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों को योजना की विस्तृत जानकारी दें। विभिन्न विभागों द्वारा संचालित सोलर योजनाओं की पात्रता, सब्सिडी एवं आवेदन प्रक्रिया स्पष्ट रूप से समझाई जाए। विभाग परस्पर समन्वय स्थापित कर योजना के सफल क्रियान्वयन को सुनिश्चित करें। इसके तहत सरकारी भवनों की छत पर सोलर पैनल स्थापना, पीएम–कुसुम के विभिन्न घटकों का क्रियान्वयन, सोलर आधारित सिंचाई, सोलर स्ट्रीट लाइट, सोलर हाई मास्ट लाइट आदि पर व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। उन्होने कहा कि गांवों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बनाएं, ताकि ग्रामीण अधिकतम संख्या में सौर ऊर्जा अपनाकर ग्रीन विलेज, क्लीन विलेज की दिशा में आगे बढ़ें।





