डिमना घाटी में फिर लगा जाम, सोमवार से व्यवस्था में हो सकता है सुधार
Patamda : ठंड का मौसम आते ही डिमना लेक में पिकनिक मनाने व बोड़ाम प्रखंड के लावजोड़ा स्थित हाथीखेदा मंदिर में पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं। जमशेदपुर से दोनों ही जगह पहुंचने के लिए लोगों को डिमना चौक से घाटी के रास्ते गुजरना पड़ता है। सुबह में तो लोग आसानी से आवागमन कर लेते हैं लेकिन शाम होते ही एक साथ पटमदा एवं बोड़ाम क्षेत्र के हजारों दिहाड़ी मजदूर, पर्यटक, श्रद्धालु एवं आम लोगों के गुजरने से यह मार्ग यातायात का बोझ बर्दाश्त नहीं कर पाता है और लोगों को जाम का सामना करना पड़ता है।
रविवार को फिर शाम को 5 बजे से जाम के बाद लोग घंटों परेशान रहे और बोड़ाम व एमजीएम पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद वाहनों का परिचालन शुरू कराया और लोग अपने गंतव्य तक पहुंचे। स्थानीय लोगों के मुताबिक डिमना घाटी रोड पर बड़ी बसों के परिचालन पर रोक के बावजूद टूरिस्ट बसों समेत अन्य बड़े वाहनों के गुजरने से जाम लग गया। इसका दूसरा कारण पहले की अपेक्षा सड़क का संकीर्ण होना भी है। सड़क के एक छोर पर गार्ड (लोहे का) लगाने से करीब 2 फीट तक चौड़ाई में कमी आई है। प्रशासन अगर पिकनिक के मौसम भर भारी वाहन या बड़े वाहनों को पारडीह काली मंदिर होकर भेज देते हैं तो रोज-रोज लगने वाले जाम से मुक्ति मिल जाएगी और लोग आराम से आवागमन कर सकेंगे। सड़क संकीर्ण होने के कारण दो दिन पहले भी दो से ढाई घंटे तक सड़क जाम लगा था। काफी देर बाद पुलिस पहुंचकर धीरे धीरे आवागमन शुरू करवाया।
जाम के दौरान सबसे ज्यादा परेशानी मरीज या अन्य इमर्जेंसी वाले लोगों को होती है। गौरतलब हो कि डिमना नाला (घाटी) बोड़ाम व एमजीएम थाना क्षेत्र में आता है, पर शाम के वक्त जब जाम लगता है वहां कोई भी पुलिस प्रशासन के लोग नजर नहीं आते हैं। इस संबंध में बोड़ाम थाना प्रभारी मनोरंजन कुमार ने बताया कि सोमवार से डिमना लेक चौक के पास चौकीदारों की तैनाती की जाएगी और बड़े वाहनों का प्रवेश घाटी के रास्ते बंद करवा दिया जाएगा ताकि फिर से जाम की स्थिति नहीं बने।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूरी से बचने के लिए सभी भारी वाहन या बस शॉर्ट रास्ते से होकर शहर घुसते हैं। जिससे यह समस्या उत्पन्न हो रही है।





