पेसा नियमावली को स्वीकृति मिलने पर मुख्यमंत्री का जताया आभार, कई संगठनों ने मिलकर पटमदा में निकाली आभार यात्रा
Patamda: झारखंड राज्य में पेसा नियमावली 2025 को राज्य कैबिनेट से स्वीकृति मिलने पर गुरुवार को पटमदा प्रखण्ड के बेलटांड़ चौक पर एक जनसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वक्ताओं ने पेसा कानून के ऐतिहासिक संघर्ष, संवैधानिक महत्व और इसके व्यावहारिक क्रियान्वयन पर विस्तार से प्रकाश डाला। विधायक प्रतिनिधि चंद्रशेखर टुडू ने कहा कि पेसा नियमावली के लागू होने से अब ग्राम सभा को केवल सलाहकार नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका प्राप्त होगी। नियमावली के तहत ग्राम सभा को जल, जंगल और ज़मीन से जुड़े मामलों में निर्णय का अधिकार, खनन, भूमि अधिग्रहण, विकास योजनाओं एवं स्थानीय संसाधनों के उपयोग में ग्राम सभा की सहमति, पारंपरिक रीति-रिवाज, सामाजिक व्यवस्था और विवाद निपटारे को संवैधानिक मान्यता,
आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और धर्म की रक्षा
जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान प्रभावी रूप से लागू होंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता विश्वनाथ महतो ने कहा कि 24 दिसम्बर 1996 को पारित पेसा कानून आदिवासी अस्मिता की रक्षा का आधार था, लेकिन नियमावली के अभाव में वह सीमित रह गया था। अब नियम लागू होने से यह कानून अनुसूचित क्षेत्र के रीति रिवाज, परंपराओं व संसाधन आदि के संरक्षण हेतु स्थानीय स्वशासन को सशक्तता प्रदान करेगी। संवैधानिक मूल्यों एवं स्वाभिमान को प्राथमिकता मिलेगी। अमर सिंह सरदार ने कहा कि पेसा कानून (पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार अधिनियम) को 24 दिसम्बर 1996 को संसद द्वारा पारित किया गया था। यह कानून अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समाज को स्वशासन, ग्राम सभा की सर्वोच्चता और पारंपरिक अधिकारों की संवैधानिक मान्यता देने के उद्देश्य से बनाया गया था। हालांकि कानून बने हुए लगभग तीन दशक बीतने के बाद अब पेसा नियमावली 2025 के लागू होने से यह अधिकार वास्तविक रूप में ज़मीन पर उतर सका है।
सभा के दौरान जीतूलाल मुर्मू ने कहा कि इस ऐतिहासिक फैसले के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। कहा कि यह निर्णय केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के अधिकार और भविष्य को सुरक्षित करने वाला कदम है। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने न लोकसभा न विधानसभा सबसे ऊंची ग्राम सभा, जय ग्राम सभा, जय संविधान” के नारों के साथ पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रतिबद्धता दोहराई। सभा में ग्राम प्रधान संघ पटमदा के अध्यक्ष बृंदावन दास, ग्राम प्रधान टीकाराम मुर्मू, मथुर महतो, सुखदेव हेंब्रम, बुद्धेश्वर टुडू, धरणीधर महतो, अरुण मांडी, बिरसा हांसदा, हरिपद सोरेन, वीरसिंह बेसरा, शंभूनाथ सोरेन, कालीराम सिंह, शत्रुघ्न सिंह, निर्मल सिंह, बिपिन सिंह, संतोष सिंह, संजय सिंह, स्वपन महतो, सुधीर हांसदा, मिठू समेत कई ग्राम प्रधान, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।





