चिंताजनक: पटमदा के बेलटांड़ में अखबार का 25 साल पुराना काउंटर बंद

Patamda: वैश्विक महामारी कोरोना ने कुछ लोगों के लिए आपदा को अवसर बना दिया तो लाखों लोगों का रोजगार छीन लिया। पटमदा क्षेत्र में इसके दुष्प्रभाव की अगर बात करें तो इसके कई उदाहरण हैं। बेलटांड़ बाजार स्थित करीब 25 साल पुराना अखबार का काउंटर भी नए साल 2026 की पहली जनवरी से बंद हो गई, जो क्षेत्र के लिए चिंताजनक है। हालांकि काउंटर बंद होने की नींव उसी वक्त पड़ गई थी। क्योंकि कोराना काल के पूर्व जहां इस काउंटर में विभिन्न अखबारों की बिक्री 300 प्रतियों तक की होती थी वहीं कोरोना काल में घटकर 100 प्रतियां रह गई थीं।
कोरोना काल की समाप्ति के बाद भी 2022 से लगातार अखबारों की बिक्री घटती गई और वर्तमान में करीब 90 प्रतियों पर सिमट कर रह गई थीं। इससे अखबार विक्रेता संजय कुमार दास को फायदा कम होने लगा। उनसे मिली जानकारी के अनुसार स्थानीय लोगों में न तो अखबार पढ़ने में रुचि है और न ही उसका मूल्य चुकाने में। कई पाठक या ग्राहक तो ऐसे हैं जिन्होंने 2 से 5 हजार रुपए तक बिल बकाया रख दिया है जिससे उनकी भी अब पहले रुचि नहीं रही। इसका एक पहलू यह भी है कि वर्तमान समय में लोग सोशल मीडिया प्लेटफार्म या डिजिटल न्यूज से भी देश दुनिया की खबरों से अवगत होने लगे हैं। हालांकि यह बात भी सच है कि इस क्षेत्र में पढ़ने वालों की संख्या में काफी कमी आई है, संख्या चाहे अखबार पढ़ने वालों की हो या पुस्तकें पढ़ने वालों की। इस संबंध में अखबार विक्रेता संजय कुमार दास ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2000 में 30 कॉपी से ही अखबार की बिक्री शुरू की थी जो सर्वाधिक 300 तक पहुंची थी लेकिन कोरोना काल में घटकर 100 के आसपास रह गई थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के लोग अखबार को कम महत्व देते हैं इसलिए उसका बिल भी नियमित नहीं चुकाते हैं जो इस व्यवसाय को बंद करने के लिए मजबूर हैं।




