महिला सशक्तीकरण या राजनीतिक रणनीति? बंगाल चुनाव में भाजपा की टिकट कटौती पर झामुमो ने उठाए सवाल
Jamshedpur: महिला सशक्तीकरण की बात करने वाली भाजपा पर पश्चिम बंगाल में महिलाओं को कम टिकट देने को लेकर सवाल उठने लगे हैं। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में जहां पार्टी ने 38 महिलाओं को उम्मीदवार बनाया था, वहीं इस बार यह संख्या घटाकर 33 कर दी गई है। इसके विपरीत, मुख्य प्रतिद्वंद्वी तृणमूल कांग्रेस ने 52 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारकर राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
इस मुद्दे पर झामुमो के युवा नेता सह जुगसलाई विधायक मंगल कालिंदी के पटमदा प्रखंड प्रतिनिधि चन्द्रशेखर टुडू ने भाजपा की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी वास्तव में महिलाओं के सशक्तीकरण के प्रति गंभीर होती, तो टिकटों की संख्या घटाने के बजाय बढ़ाती। बिना आरक्षण के भी महिलाओं को 33 प्रतिशत टिकट देकर एक नजीर पेश की जा सकती थी, क्योंकि इसमें कोई बाधा नहीं थी। टुडू ने महिला आरक्षण बिल के संदर्भ में भी भाजपा को घेरते हुए कहा कि संसद में बिल पारित न हो पाना महिलाओं के लिए निराशाजनक है, और अब भाजपा इस मुद्दे पर विपक्ष को दोष देकर घड़ियाली आंसू बहा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा की नीति और नीयत स्पष्ट होती, तो उसे सभी दलों का समर्थन मिलता। कहा कि आने वाले समय में जनता इस मुद्दे पर अपना जवाब जरूर देगी।






























