बोड़ाम में वज्रपात की घटना में किसान पिता की मौत की खबर से अचेत हुआ बेटा, अस्पताल में चल रहा इलाज

Patamda: बोड़ाम थाना क्षेत्र अंतर्गत नामशोल गांव में शुक्रवार को दोपहर करीब एक बजे अपनी जमीन पर एक नीम के पेड़ के नीचे बैठकर एक मजदूर के साथ भोजन कर रहे किसान चक्रधर कुंभकार (47) को क्या पता कि यह खाना उनके लिए अंतिम साबित होगा। वह अपने गोभी खेत में 3 अन्य मजदूरों के साथ सुबह से काम कर रहे थे। दो मजदूरों ने कुछ देर पहले ही भोजन कर लिया था। उन्होंने एक मजदूर प्रभाष सिंह (29) के साथ आधा खाना खा लिया था कि अचानक हल्की बारिश के बीच तेज धमाकों के साथ आकाशीय बिजली गिरी और उसकी चपेट में आने से दोनों मूर्छित होकर गिर पड़े। जबकि बगल में बैठे अन्य मजदूरों को भी आंशिक प्रभाव पड़ा।
घटनास्थल लावजोड़ा हाथीखेदा मंदिर से महज 400 मीटर की दूरी पर होने से मंदिर परिसर के दुकानदारों को तुरंत ही सूचना मिली कि बगल में ही बिजली गिरी है। इसके बाद सैकड़ों की संख्या में लोगों की भीड़ घटनास्थल पर पहुंची और लोगों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को बोड़ाम के चिरूडीह स्थित नर्सिंग होम पहुंचाया। जबकि घटना की सूचना पाकर अपने घर से भागते हुए पहुंचे चक्रधर कुंभकार के बेटे ने पिता की स्थिति को देखते ही अचेत होकर गिर पड़ा। इसके बाद उसे भी अस्पताल पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है। इधर नर्सिंग होम में इलाज के दौरान चिकित्सक ने वज्रपात की चपेट में आने वाले चक्रधर व प्रभाष को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों ही परिवार के सदस्य दहाड़ मारकर रोने लगे।
सूचना पाकर पहुंचे सहायक अवर निरीक्षक मोहम्मद मजीद ने शवों का पंचनामा तैयार कर पोस्टमॉर्टम हेतु एमजीएम मेडिकल कॉलेज डिमना भेज दिया। घटना की सूचना पाकर पहुंचे पीएलवी निताई चंद्र गोराई ने बताया कि चक्रधर कुंभकार की पत्नी जयंती कुंभकार पर अचानक से दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है, उनके बेटे तुषार एवं बेटी प्रमिला के आगे की पढ़ाई व परवरिश की चिंता सताने लगी है। जबकि एक साल पूर्व ही शादी कर चुके प्रभाष सिंह पर पत्नी सेफाली सिंह के अलावा बुजुर्ग माता -पिता एवं मानसिक रूप से बीमार भाई के भरण -पोषण की जिम्मेदारी थी। दोनों ही परिवार को इस घटना से बड़ा झटका लगा है।






























